महोबा। इस बार पौधरोपण अभियान अभिनव प्रयोगों के नाम रहने की उम्मीद है। पौधारोपण कार्य में लगे विभाग इसमें भी नवाचार कर रहे हैं। एक ओर ग्रामीण क्षेत्र में 22 विशेष स्थान चुनकर पांच-पांच हजार पौधे एक साथ लगाए जाने की तैयारी है तो वहीं दूसरी ओर वन विभाग 16 नए वन क्षेत्र विकसित कर रहा है। इनमें पौधों लगाने के साथ ही उनके संरक्षण की कार्ययोजना भी तय की गई है।
जिले के पौधारोपण अभियान की समीक्षा के लिए मंगलवार को कलक्ट्रेट में बैठक हुई। इसमें पौधारोपण अभियान के लिए शासन की ओर से नामित नोडल अधिकारी और वित्त सचिव शाहिद मंजर अब्बास रिजवी ने डीएम गजल भारद्वाज की उपस्थिति में 26 विभागों के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान डीएफओ डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि विभाग की ओर से जिले में विशिष्ट वनों की स्थापना की जा रही है। इसके तहत बिलबई वन क्षेत्र में अटल वन, मझोल वन क्षेत्र चरखारी में एकता वन, भंडरा वन क्षेत्र में शौर्य वन, कान्हा गौशाला अजनर में गोपाल वन समेत कुल 16 विशेष वनों की स्थापना की जा रही है। ये वन पहले से मौजूद वन क्षेत्रों के एक-एक एकड़ हिस्से में विकसित किए जा रहे हैं। इसमें पौधारोपण के साथ ही सुरक्षा के विशेष इंतजाम होंगे। यदि कोई पौधा सूख जाएगा, तो उस स्थान पर दोबारा पौधारोपण किया जा सकेगा। देखरेख अच्छी होने से यहां पर वन स्थापित होने की संभावना बढ़ जाएगी।
इसी तरह ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि बड़ी ग्राम पंचायतों के 22 स्थानों पर दो हजार से पांच हजार तक पौधे एक साथ लगाए जाने की तैयारी है। पौधों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ी और जाली लगाई गई है। डीएम ने इन 22 स्थानों के लिए एक-एक रोपण प्रभारी और एक-एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आशाराम, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, रामजी गुप्ता के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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विलुप्त नदियों व जलाशयों को संवारने की तैयारी
महोबा। बैठक के दौरान सीडीओ बलराम ने नोडल अधिकारी को बताया कि जिले में लगभग विलुप्त हो रहीं चंद्रावल, विरमा, गौची, अर्जुन, सीहू और क्योलारी नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन नदियों और जलाशयों के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही व्यापार मंडल की ओर से पांच हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। दो हजार पौधों में ट्रीगार्ड भी व्यापार मंडल लगाएगा। ग्रामोदय संस्थान सात हजार महिला किसानों के माध्यम से पौधे लगवाने की तैयारी में है। इसलिए किसानों को फलदार पौधे दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।