संगोष्ठी में युवाओं से इतिहास की गलतियों से सीख लेने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का किया आह्वान
गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चौक बाजार में संगोष्ठी का हुआ आयोजन
मिठौरा। गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चौक बाजार में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका तथा अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर विशेष संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने 1947 के विभाजन को भारतीय इतिहास की दर्दनाक त्रासदी बताते हुए युवाओं से इतिहास की गलतियों से सीख लेने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज के सहायक आचार्य अरविंद कुमार ने कहा कि भारत का इतिहास बताता है कि आंतरिक एकता कमजोर पड़ने पर बाहरी शक्तियों को हस्तक्षेप का अवसर मिला। अंग्रेजों ने अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं के बीच विभाजन पैदा किया। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल भू-भाग का बंटवारा नहीं था बल्कि लाखों लोगों के जीवन, परिवारों और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी थी। नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना जरूरी है ताकि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
विशिष्ट वक्ता विष्णु गुप्त ने कहा कि बंगाल विभाजन से लेकर 1947 के विभाजन तक की घटनाओं से देश को एकता और सामाजिक समरसता का महत्व समझना चाहिए। अपने अध्यक्षीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामपाल यादव ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस केवल अतीत के दुख को याद करने का अवसर नहीं बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने का संकल्प लेने का दिन है। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य जंतु विज्ञान अजय राव ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।