महराजगंज। पूर्वजों का नाम अमर करने के लिए कोई भी दानदाता 60 प्रतिशत धन खर्च कर गांव में भवन का निर्माण करा सकता है। इसमें कुल लागत का 40 फीसद धन सरकार देगी।
विकास कार्य में दानदाता की इच्छानुसार नाम का शिलापट लगाया जाएगा। इससे विकास कार्यों की तेज गति के साथ गुणवत्ता में भी सुधार होगा। जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मातृत्व योजना के तहत कोई भी संपन्न व्यक्ति, संस्थान, समूह व संगठन गांव के विकास कार्य में सहयोग कर सकता है। योजना के तहत यदि कोई भी व्यक्ति या संस्थान अपने निजी धन से गांव में विकास कार्य करवाना चाहता है तो विकास कार्य में उसकी इच्छा के अनुसार, नाम का शिलापट भी लगाया जाएगा।
वह संपत्ति भले ही ग्राम पंचायत की होगी, लेकिन नाम उसी व्यक्ति का रोशन होगा। इसमें कार्य की कुल लागत का 60 प्रतिशत धन अपने पास से खर्च करना होगा, जबकि इसके लिए 40 फीसद धनराशि राज्य सरकार देगी।
इसमें दानदाता अपनी सामर्थ्य के अनुसार, धन खर्च कर स्कूल में कक्षों का निर्माण, सामुदायिक भवन, बरातघर, व्यायामशाला, सर्विलांस सिस्टम, स्वास्थ्य केंद्र, अन्त्येष्टि स्थल, तालाब सुंदरीकरण, यात्री शेड, पशु सुधार नस्ल केंद्र, फायर सर्विस स्टेशन, मार्केटिंग की व्यवस्था, दुग्ध संग्रह केंद्र, चारागाह, कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण करा सकता है।
इसके लिए ग्राम पंचायत में मातृत्व भूमि सोसाइटी का गठन करने के साथ पंजीकरण कराना होगा। इसका बैंक खाता भी अलग से खोला जाएगा। इसी खाते में विकास कार्य नामित कर दानदाता 60 प्रतिशत या इससे अधिक धनराशि जमा करेगा और जिलाधिकारी के अनुमोदन के साथ शेष 40 फीसद धनराशि प्रदेश सरकार देगी।