- डेढ़ माह पहले हो गई थी पति की मौत
-डॉक्टर के पूछने पर पहले बच्ची के मौत की दी जानकारी, बाद में कबूल की सच्चाई
फरेंदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में बुधवार को दिल को झकझोरने वाला एक मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने जन्म देते ही अपने नवजात को दूसरी महिला को सौंप दिया। महिला का कहना है कि दूसरे बच्चे के पालन-पोषण का खर्च नहीं उठा पाने के कारण उसने यह फैसला लिया है।
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ईटहिया श्रीनगर बंधा निवासी महिला को प्रसव प्रसव पीड़ा हुई तो 13 जुलाई को वह मां के साथ सीएचसी बनकटी पहुंची। उसने ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। कुछ घंटे के बाद ही बच्ची बेड से लापता हो गई। इसकी जानकारी अस्पताल के किसी भी कर्मचारी को नहीं हुई। 14 जुलाई को एक डॉक्टर बेड पर पहुंची तो बच्ची के बारे में पूछताछ करने लगी। प्रसूता ने डॉक्टर से झूठ बोलते हुए बच्चे की मौत की जानकारी दी।
डॉक्टर के पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि उसने बगल के बेड पर भर्ती महिला को बच्ची दी है। पुलिस ने जब उक्त महिला से पूछताछ की तो पता चला कि उने गोरखपुर के आसपास रहने वाली अपने किसी रिश्तेदार को बच्ची दिलवाया है। पुलिस ने महिला से संपर्क कर बच्ची के साथ बुलाया है। महिला बृहस्पतिवार को बच्चा लेकर पहुंचेगी।
प्रसूता ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से महिला को बच्ची दी है। उसने बताया कि बीमारी की वजह से उसके पति की मौत करीब डेढ़ माह पहले हो चुकी है। उसके बाद से मायके में ही रह रही है। पहले से एक साल की बच्ची है। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों का पालन-पोषण कर पाना काफी कठिन हो गया है। पति की मौत के बाद कोई कमाने वाला भी नही हैं। प्रसूता की मां ने बताया कि गरीबी के कारण बच्ची को दूसरे महिला को सुपुर्द किया गया है। नवजात के अस्पताल से गायब होने की सूचना अस्पताल प्रशासन को हुई तो हड़कंप मच गया। नवजात के गायब होने के बारे में स्टाफ नर्स व डॉक्टर अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
लापता की सूचना, अस्पताल में मचा हड़कंप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में भर्ती महिला के नवजात के लापता होने की सूचना पर अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देरी में कर्मचारी जुट गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि बच्ची दो दिनों से लापता है लेकिन इस बात की जानकारी न तो अधीक्षक को है न ही पुलिस को। मामला जब मीडिया तक पहुंची तो अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। कुछ ही देरी में बच्ची को लेने वाली महिला के बारे में जानकारी इकट्ठा कर ली गई। उसके पहले किसी को कुछ नहीं मालूम था।
बच्चे से बिछड़ने के बाद सिसक रही मां
पैदा होने के कुछ ही घंटे बाद बच्ची को दूसरी महिला के हवाले करने के बाद महिला सिसक रही है। अपनी बच्ची को दूसरे को सौंपने के बाद महिला काफी दुखी है। प्रसूता रो-रोकर बच्ची के बिछड़ने के गम को बयां कर रही है। वह बार-बार बेड पर अपने बगल में झांक रही है। भले ही उसने अपनी इच्छा से यह फैसला लिया है लेकिन बच्ची के बिछड़ने के बाद से उसके आंसू नहीं रुक रहे हैं।
वर्जन
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंच कर मामले की जांच की गई। पता चला कि महिला ने स्वेच्छा से बच्चे को एक अपरिचित महिला को गोद दिया है। इसके बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि गोरखपुर के आगे की एक महिला बच्चे को ले गई है। उसको बुलाया गया है।
-राघवेन्द्र सिंह, थानाध्यक्ष, फरेंदा
बिना लिखा-पढ़ी के किसी को भी बच्चा नहीं देना चाहिए। यह कानूनन अपराध है। बच्चे को देने का एक नियम बनाया गया है। उसके अनुसार ही बच्चे को किसी को देना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
-सत्यभामा तिवारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, महराजगंज
नवजात के लापता होने की सूचना पुलिस को दी जाएगी। अस्पताल कर्मचारियों को प्रसूता व उसके परिजन ने गलत सूचना दिया है। मामले की जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एमपी सोनकर, अधीक्षक, सीएचसी बनकटी