महराजगंज। दहेज हत्या के दोषी पति को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पवन कुमार श्रीवास्तव ने 10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जबकि सास-ससुर को दोष मुक्त कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामसभा हौदाडुमरा, थाना मटिहरिया सोनबरसा, जिला बेतिया, बिहार राज्य निवासी निजामुद्दीन की पुत्री खुशबू का विवाह ग्राम सभा बरगदही थाना कोतवाली सदर जनपद महाराजगंज निवासी इरफान के साथ 2016 में हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद ही पति इरफान, सास नूरेशा एवं ससुर जमालुद्दीन दहेज में एक लाख रुपये की मांग करने लगे। न देने पर वादी की पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। 28 जुलाई 2018 को वादी के इरफान का फोन आया कि एक लाख रुपये दे दो नहीं तो तुम्हारी बेटी को मार डालेंगे। 29 जुलाई को सूचना मिली कि पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। इस सूचना पर थाना कोतवाली सदर में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। 11 गवाह को पेश कर सजा की मांग की गई। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सास एवं ससुर को दोष मुक्त करते हुए उक्त सजा सुनाई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा बरगदही में 2018 में दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या के मामले में पति इरफान को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश