निचलौल। ग्राम शीतलापुर निवासी 28 वर्षीय मकरध्वज व उसके बेटे की मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है तो पत्नी बदहवास हो गई है। उसकी आंखों के आंसू मानों सुख गए हो। वह आने-जाने वालों को एक टक निहारती और फिर अचानक चीखने-चिल्लाने लग रही है। रविवार की सुबह करीब 9 बजे मकरध्वज अपनी पत्नी अनिता और बेटे अंश को अपनी बाइक पर बैठा कर घर से निचलौल दवा कराने की बात कह कर निकला था।
परिजनों के अनुसार निचलौल में दवा करने के बाद पत्नी ने मायके जाने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कुछ कहासुनी हो गई। इससे नाराज होकर पत्नी मकरध्वज की बाइक से उतर गई और वापस घर चलने की बात कहने लगी। यही नहीं पत्नी पैदल ही घर के ओर बढ़ गई। कुछ देर बाद मकरध्वज उसके पीछे आया लेकिन वह नहीं दिखी। इसके बाद मकरध्वज अपने बच्चे को साथ लेकर खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारीपट्टी पहुंचा। रेलवे ट्रैक के निकट अपनी बाइक खड़ी कर दी। इसके बाद खड्डा से गोरखपुर की ओर जा रही बांद्रा ट्रेन के आगे कूद गया, जिससे पिता-पुत्र की मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर सुन पिता अचेत हो गए। इधर, घर पहुंची पत्नी अनिता पति और बेटे की मौत की खबर सुन बदहवास होकर जमीन पर गिर गई। चीख पुकार से पुरा टोला शोक में डूब गया।
हरियाणा में सिलाई का काम करता था मकरध्वज
शितलापुर निवासी राजेंद्र चौहान के चार बेटों में से दूसरा बेटा मकरध्वज बीए पास था। घर की माली हालत ठीक न होने पर वह हरियाणा के रोहतक में सिलाई का काम करता था। नेपाल के अपने एक रिश्तेदार के साथ रोहतक में रहता था। एक माह पूर्व ही अपने दोस्त रुदल के साथ घर लौटा था।
2021 में हुई थी शादी, दो साल का एक बेटा था
शीतलापुर निवासी मकरध्वज की शादी, वर्ष 2021 में कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम लोहेपार की रहने वाली अनिता के साथ हुई थी। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। दो साल का बेटा भी था। परिवार में हसी खुशी का माहौल था, लेकिन मामूली सी बात पर परिवार की खुशियां और अनिता की दुनिया उजड़ गई।