महराजगंज। दिसंबर माह में तापमान का उतार-चढ़ाव सेहत के साथ फसल के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है। दिन का अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के करीब है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पैदावार भी प्रभावित होगी। मौसम में आर्द्रता 42 प्रतिशत दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले 10 दिनों में अधिकतम न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। लोग बुखार, बदन दर्द, सर्दी खांसी की चपेट में आ रहे हैं। इस समय लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि मानव का शरीर अचानक मौसम के बदलाव को सहन कर पाने में पूरी तरह सक्षम नहीं होता है। इससे बचाव के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही होती है तो बीमार पड़ सकते हैं। सोमवार को धूप में बच्चे क्रिकेट खेलते हुए नजर आए। हवा की गति हल्की होने के कारण ठंड कम लग रही थी। दिन ढलने पर ठंड बढ़ गई।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी का कहना है कि मौसम में जब भी बदलाव होता है तो सबसे ज्यादा बीमार होने का डर उन्हें होता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसके साथ ही सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि बीमारी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को सर्दी से बचाव करना चाहिए। गर्म कपड़े पहनकर रखें। सुबह शाम गुनगुना पानी पीए।
वहीं दूसरी ओर कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी चंद्रन ने बताया कि गेहूं और सब्जियों की फसलों का उत्पादन पूरी तरह से तापक्रम पर निर्भर है। जब फसल की बढ़वार तेजी से होनी हो, उस समय पर गेहूं व सब्जियों के लिए दिन का तापक्रम 20 डिग्री सेंटीग्रेड व रात का तापमान 10 से 15 डिग्री सेंटीग्रेड रहना उपयुक्त माना जाता है। आजकल धूप में काफी तीव्रता है। इसके कारण दिन का तापक्रम पिछले सप्ताह के आधार पर लगभग पांच से सात डिग्री सेंटीग्रेड अधिक हो गया है, जबकि रात का तापक्रम काफी कम है।
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ये बरते सावधानी
-खानपान संतुलित रखें।
-इम्यूनिटी पावर बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें।
-सर्दी से बचाव के लिए सुबह-शाम गरम कपड़े पहनें।
-कमरे में पंखे का इस्तेमाल न करें।
-सुबह-शाम गुनगुना पानी पीये, ठंडे पानी का सेवन न करें।
-बच्चों को सुबह-शाम नंगे पैर फर्श पर न घूमने दें।
-ताजी, हरी सब्जियों का सेवन करें।
-तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।