महराजगंज। केएमसी मेडिकल काॅलेज में फिजियोथेरेपी अनुभाग गोष्ठी हुई। इसमें बगैर दवा का सेवन किए दर्द को दूर करने का तरीका बताया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. डीके कुशवाहा ने बताया कि लाइफस्टाइल संबंधी परेशानी (मोटापा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज), पीठ, कमर, गर्दन, कंधे, घुटने का दर्द या जोड़ों का दर्द, हार्मोनल बदलाव, पेट से जुड़ी समस्याएं, खेलकूद की चोटें, ऑर्गन डिसऑर्डर, ऑपरेशन से जुड़ी समस्याएं, मांसपेशियों का खिंचाव और उनकी कमजोरी, नसों का दर्द, चक्कर आना शुरू हो जाता है।
फिजियोथेरेपी से फायदा होता है। अधिकतर लोग मानते हैं कि केवल योग और कुछ कसरतें ही फिजियोथेरेपी होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। फिजियोथेरेपी में विशेषज्ञ कई तरह के व्यायाम और नई तकनीक वाली मशीनों की मदद से इलाज करते हैं। उन्होंने बताया कि आज की जीवनशैली में हम लंबे समय तक अपनी शारीरिक प्रणालियों का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और जब शरीर की सहनशीलता नहीं रहती है तो वह तरह-तरह की बीमारियों व दर्द की चपेट में आ जाता है। संवाद