सिसवा की ग्रामसभा सेमरी का मामला
पानी निकासी का रास्ता बंद होने से 25 किसानों के खेतों में हो गया था जलभराव
चिउटहां। विकासखंड सिसवा की ग्रामसभा सेमरी में लगातार हुई बारिश के बाद पानी की निकासी बाधित होने से करीब 50 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई थी। जलभराव से लगभग 25 किसानों की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई थी। किसानों ने मामले की शिकायत तहसील निचलौल प्रशासन से की। बृहस्पतिवार को जेसीबी से अतिक्रमण हटाकर पानी निकासी का रास्ता साफ करवाया गया।
जानकारी के अनुसार, किसानों की शिकायत के बाद कानूनगो रामनिवास एवं लेखपाल विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में पाया गया कि पुलिया के पास अतिक्रमण के कारण पानी का प्राकृतिक निकास अवरुद्ध हो गया था, जिससे खेतों में पानी भर गया था। उच्च अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाकर पानी की निकासी का रास्ता साफ कराया गया।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौजूद रहा। कानूनगो रामनिवास ने बताया कि निरीक्षण में जलनिकासी का मार्ग अवरुद्ध मिला था। अतिक्रमण हटाकर पानी निकलने का रास्ता खोल दिया गया है, जिससे जलभराव कम होगा और फसल को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
जलभराव से प्रभावित किसानों में राम किशोर तिवारी, आनंद तिवारी, अमित, राहुल देव पांडेय, दुखी प्रसाद, पूर्णमासी नाथ, मोहन, सुख, छोटू, मुन्ना, नारायण, बृजलाल सहित करीब 25 किसान हैं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसानों ने राहत की सांस ली है। साथ ही फसल बचने की उम्मीद जताई है।