वन विभाग के कर्मचारियों पर रुपये मांगने का आरोप, घंटों हंगामे के बाद पकड़ा गया खूंखार बंदर
एक दर्जन से अधिक लोगों को घायल कर चुका है बंदर, बंदर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने हटाया जाम
मिठौरा। निचलौल थाना क्षेत्र के जमुई पंडित गांव में कई दिनों से एक आक्रामक बंदर के आतंक से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने निचलौल-पुरैना मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। दर्जन से अधिक लोगों को घायल करने के बाद बृहस्पतिवार को बंदर ने एक ट्रैक्टर चालक पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान करीब एक घंटे तक निचलौल-पुरैना मार्ग जाम रहा।
अभिमन्यु पटेल, पवन सिंह, सोनू तिवारी, अर्जुन, ध्रुव यादव, रजनीश गुप्ता, शैलेश पटेल, सोनू गौड, विजय विश्वकर्मा, दीपक, तबारक सहित सैकड़ों ग्रामीणों के अनुसार, बंदर खास तौर पर ट्रैक्टर चालकों को निशाना बनाता था। बृहस्पतिवार को गांव निवासी ट्रैक्टर चालक अरविंद पटेल पर बंदर ने अचानक हमला कर दिया और उसके हाथ को बुरी तरह से काट लिया। परिजन तत्काल घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल ले गए। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से भी स्थिति नाजुक होने पर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने सुबह किसी तरह बंदर को गांव के एक मकान में बंद कर वन विभाग को सूचना दी। आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा बंदर पकड़ने के एवज में रुपये की मांग की गई। इस बात से नाराज ग्रामीण उग्र हो गए और सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते निचलौल-पुरैना मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही निचलौल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई। पुलिस की सक्रियता के बाद वन विभाग की टीम को तत्काल बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बंदर को पकड़कर गांव से बाहर ले जाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और जाम समाप्त किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग कार्रवाई करता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। गांव में अब भी लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।