स्कूल वाहनों के बाद अन्य वाहनों पर विभाग सख्त, 418 वाहनों को घोषित किया गया है निष्प्रयोज्य
सड़क दुर्घटना का कारण बनते हैं ऐसे वाहन
एआरटीओ कार्यालय की तरफ से जल्द शुरू होगा अभियान
संतकबीरनगर। जनपद में स्कूल वाहनों के बाद अब 15 वर्ष पुराने अन्य वाहनों पर विभाग सख्त हो गया है। एआरटीओ कार्यालय की तरफ से ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए जल्द ही अभियान शुरू होगा। विभाग के मुताबिक, अब तक कार्यालय की तरफ से 418 वाहनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। हाल में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी यह मामला उठा था। जिस पर डीएम ने कार्रवाई के लिए एआरटीओ को आदेश दिए थे।
जिले के कई सड़कों पर आज भी जर्जर एवं अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहन बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। यह वाहन अक्सर सड़क दुर्घटना का कारण भी बनते हैं। कई बार अनफिट वाहनों से ही दुर्घटना की पुष्टि हुई। इसको लेकर शासन के कड़े रुख और निर्देश के बाद स्थानीय स्तर पर भी अधिकारियों ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है।
पिछले दिनों सड़क सुरक्षा की बैठक में भी यह स्थिति दिखाई दी थी। स्कूल वाहनों पर कड़ा रुख अख्तियार करने के साथ ही अन्य वाहन जो अपनी निर्धारित 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और सड़कों पर उनका संचालन हो रहा है, ऐसे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने कार्रवाई के लिए एआरटीओ को निर्देशित किया। डीएम ने कहा कि वाहनों की परमिट एवं फिटनेस की जांच एक निश्चित समय अंतराल पर होता रहे। इसे गंभीरता से लेकर समस्त अनफिट वाहनों का चालान कर सीज कराया जाए।
कोट
अनफिट वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। अभी तक 418 वाहनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। जांच के दौरान जो भी वाहन अनफिट मिलते हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ