बागापार। परंपरागत खेती की लीक क्या छोड़ी, कृषि के क्षेत्र में सदर ब्लाॅक के बागापार टोला बरगदवा निवासी इल्ताफ युवाओं व किसानों के प्रेरणास्रोत बन गए हैं। आर्थिक समृद्धि ऐसी कि पूरी जीवनशैली ही बदल गई।
यहां के किसान खेतों में गेहूं, सरसो, लतरा, मटर, आलू आदि की बुवाई करते थे, लेकिन सिंचाई का कोई संसाधन न होने से अच्छी उपज नहीं मिल पाती थी। ऐसे में इल्ताफ ने सब्जी पैदा करने की सोची। उनकी सोच से कहीं ज्यादा सब्जियां पैदा हुईं। नतीजा यह हुआ कि उनके घर परिवार की जीवनशैली ही बदल गई।
खेती में हजारों रुपये पूंजी लगाने के बावजूद किसानों को हर साल घाटा उठाना पड़ रहा था। इसके अलावा जंगल के किनारे खेत होने से जंगली जानवरों से भी काफी क्षति होती थी। इन सब हालात में पांच वर्ष पूर्व इल्ताफ अली ने सब्जी की खेती शुरू की। सबसे पहले लगभग 40 डिस्मिल खेत में फूल गोभी लगाई। अन्य फसलों की तुलना में ज्यादा मुनाफा हुआ, तो इनका हौसला बढ़ा और फिर लगभग एक बीघा खेत में मटर, बैगन, टमाटर, मिर्च, आलू और हरी सब्जियों की बुवाई की। अच्छा मुनाफा हुआ तो सब्जी की खेती को ही जीवन का आधार बना लिया।