महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में यूपी बोर्ड परीक्षा कंट्रोल रूम बना है। यहां से सभी केंद्रों की निगरानी की जा रही है। कहीं खामियां दिख रही हैं तो उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। सोमवार को कंट्रोल रूम में हलचल तेज रही।
7:30 बजे कंट्रोल रूम स्क्रीन पर सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की तलाशी लेने की फुटेज उभरी। महराजगंज इंटर काॅलेज की तस्वीर में प्रदर्शित हो रहा था कि परीक्षार्थियों की तलाशी लेने के लिए बालक-बालिकाओं को कतारबद्ध कराया जा रहा, लेकिन तत्काल कंट्रोल रूम ने महराजगंज इंटर काॅलेज के मानिटरिंग सेल से संपर्क साधते हुए कहा कि परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है पहले गेट पर नहीं पहले और दूसरे गेट के भीतर तलाशी कराएं क्योंकि पीछे सड़क है दिक्कत हो सकती है। तुरंत मानिटरिंग सेल के संदेश से बदलाव की फुटेज दिखने लगी।
सुबह लगभग 8:10 बजे तक सभी केंद्रों पर तलाशी के बाद परीक्षार्थी कक्ष में जा चुके थे। इसके बाद परीक्षा कक्ष भी फुटेज में दिखने लगा कि आने वाले परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका भी उपलब्ध कराई जा रही है। कक्ष निरीक्षक यह भी बता रहे कि सभी पन्ने पर रोल नंबर लिखें।
8:22 पर कमरों में प्रश्नपत्र पहुंचे और वितरण हुए। 8:35 पर सेठ आनंद राम जयपुरिया फरेंदा में परीक्षार्थी ओएमआर शीट दिखाकर फटी बता रहा है, जिसे कक्ष निरीक्षक बदलते हैं। 9:00 बजे राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा के नेतृत्व वाला उड़न दस्ता दिखा।
शामिल राजकीय कॉलेज सिंहपुर के प्रिंसिपल अनमोल यादव एक परीक्षार्थी की जेब और उत्तर पुस्तिका देख रहे हैं, लेकिन कुछ अनुचित नहीं मिला। डीआईओएस और एक महिला शिक्षक ने बालिकाओं के कमरे में जांच करने के बाद केंद्र प्रभारी दमयंती यादव से पूरी व्यवस्था जानकर निकलते दिखे।
11:00 वार्निंग बेल बजते ही कक्ष निरीक्षक सप्लीमेंट्री कापी लेने वालों को धागे से उत्तर पुस्तिका में अटैच करने और ओएमआर शीट अलग रखने का निर्देश देते दिखे। 11:30 पर घंटी बजी तो लगभग सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई जाने लगीं। काॅपियों जमा कर परीक्षार्थी बाहर निकलते दिखे। इसके बाद कक्ष निरीक्षक काॅपियों को लेकर मुख्य ऑफिस की ओर जाते और कार्यालय में ओएमआर अलग और उत्तर पुस्तिका अलग रखवाई जा रही।
दोपहर 12:30 बजे कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी देखने प्रवक्ता रामजी पहुंचकर चार्ज लेकर कृपा शंकर को मुक्त करते हैं। एक बार फिर सभी केंद्रों की फुटेज उभरने लगती है। तलाशी के बाद फोन अलग बाक्स में नाम स्लीप रबड़ से लगाकर रखी जा रही। कमरों की फुटेज दिखने लगती है और एक बार फिर दूसरी पाली की परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिका व प्रश्नपत्र दिए जाने के चित्र अपडेट होने लगे।