महराजगंज। यूपी बोर्ड इस बार बड़े पैमाने पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का भरपूर उपयोग कर पारदर्शिता व शुचिता का दायरा बढ़ाने में जुटा है।
प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षक आंतरिक स्कूल शिक्षक के साथ अपनी फोटो एआई फीचर वाले एप पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ही परीक्षार्थियों के अंकों की फीडिंग हो सकेगी।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की प्रायोगिक परीक्षा जनपद में दो फरवरी से नौ फरवरी के बीच आयोजित होगी। इसमें हर तरह की गड़बड़ी को रोकने व शुचिता के लिए एआई का उपयोग कर व्यवस्था सख्त बनाई गई है। प्रायोगिक परीक्षा लेने न सिर्फ परीक्षक को आवंटित स्कूल में जाना होगा बल्कि प्रधानाचार्य और आंतरिक परीक्षक के साथ प्रयोगशाला से फोटो खींचकर जियाे टैग के साथ अपलोड करनी होगी।
यूपी बोर्ड ने बाह्य और आंतरिक परीक्षक की जिम्मेदारी तय कर दी है। प्रायोगिक परीक्षा के परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे। साथ ही, उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर या बोर्ड के मांगने पर इसे डीआईओएस के मार्फत मंगाया जा सके।
परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया का विजुअल संरक्षित करना अनिवार्य किया गया है।