भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली से नेपाल भागने की कोशिश कर रहे रूस के दो नागरिकों स्टेनिस ला कराटे व इस्निटस स्वीट लाना को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों बाइक से नेपाल जा रहे थे। आव्रजन अधिकारियों की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों का चालान कर दिया है। दोनों चार साल पहले दिल्ली आए थे।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर शाम दिल्ली नंबर की मोटरसाइकिल से रूस के स्टेनिस ला कराटे अपनी महिला मित्र इस्निटस स्वीट लाना के साथ नेपाल जा रहे थे। संदेह होने पर आव्रजन अधिकारियों ने दोनों को रोक लिया। वीजा और पासपोर्ट की मांग की। दोनों के वीजा पर सोनौली आईसीपी के डिपार्चर की स्टैंप देखकर पूछताछ शुरू हुई।
दोनों ने बताया कि साल 2018 में वे दिल्ली आए थे। इसके बाद गोवा चले गए। कुछ दिनों बाद चरस रखने के आरोप में उन्हें जेल हो गई। इस केस में गोवा से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत मिली थी। पुराना पासपोर्ट गोवा पुलिस के पास जमा है। अपने देश जाने के लिए दोनों गोवा से मुंबई आए और रूस के दूतावास से नया पासपोर्ट बनवाया।
एक मित्र की मदद से भारतीय फर्जी ई-वीजा, स्टांप, दिल्ली एयरपोर्ट का अराइवल स्टांप और आईपीसी सोनौली का डिपार्चर स्टांप बनवाया। इसके बाद बाइक से दिल्ली, आगरा, वाराणसी और गोरखपुर होते हुए सोनौली पहुंचे। इसी बीच रास्ते में फर्जी स्टैंप को फेंक दिया। लेकिन, सीमा पार करते समय शक के आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया।
रूस के नागरिक स्टेनिस ला कराटे अपनी महिला मित्र इस्निटस स्वीट लाना के साथ बाइक से फर्जी वीजा पर नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। दोनों को गोवा छोड़ने की मनाही थी। सीमा पर आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया। केस दर्ज कर दोनों का चालान कर दिया गया है।
-संजय सिंह, कोतवाल