महराजगंज। जिला पंचायत की बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। गुस्साए जिला पंचायत सदस्यों ने माइक व कुर्सियां तोड़ दीं और बैठक का बहिष्कार कर दिया।
जिला पंचायत की बैठक शुक्रवार की दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी। मगर जिला पंचायत अध्यक्ष व सांसद के न आने पर बैठक एक बजे से शुरू हुई। इससे जिला पंचायत सदस्यों में काफी नाराजगी थी। जिला पंचायत सदस्यों का कहना था की एक घंटे विलंब से बैठक शुरू हुई।
इसके जिम्मेदार अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह हैं। इसी बीच जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल व सांसद पंकज चौधरी एक बजे जिला पंचायत सभागार में पंहुचे। बैठक की शुरूआत एएमए ने जिला पंचायत अध्यक्ष के अनुमति से शुरू की।
बैठक की शुरूआत मुख्य विकास अधिकारी के परिचय से हुआ। उसके बाद सभी जिला पंचायत सदस्यों ने अपना-अपना परिचय दिया। उसी दौरान सभागार में लगा माइक रह-रह कर बंद हो जा रहा था। माइक की व्यवस्था ठीक न होने की वजह से एएमए को तीखी बातें भी सुननीं पड़ीं।
परिचय के बाद पूर्व एजेंडा को एएमए पढ़ कर सुना रहे थे की तभी जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पांडे ने पीडब्लूडी के एक्सइएन से कुछ सवाल पूछे। इस पर एक्सइएन द्वारा दिये गए जवाब से संतुष्ट न होने पर सभी जिला पंचायत सदस्यों ने एक स्वर मे विरोध करना शुरू कर दिया।
इसी दौरान बार-बार माइक खराब होने से बैठक में मौजूद सभी जिला पंचायत सदस्य माइक को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर सांसद व एएमए को खरी-खोटी सुनाए। बात यहां तक बढ़ गई की जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने एक बजट के माध्यम से जिला पंचायत सभागार में काम कराने को कहा।
इस पर कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने पूर्व में बजट का ब्यौरा मांगा जाने लगा। इस पर अपर मुख्य अधिकारी भड़क गए। और जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार गुप्ता को बैठक से बाहर जाने को कह दिया। इस पर पूरे जिला पंचायत सदस्यों ने एक जुट हो कर एएमए के खिलाफ नारे बाजी करने लगे।
माइक तोड़ कर फेंकने व कुर्सी उठाकर इधर उधर करने लगे। सदन का बहिष्कार कर पूरे जिला पंचायत सदस्य एएमए व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ नारे बाजी कर सदन से माफी मांगने की मांग करने लगे।
माफी न मांगने पर जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर चले गए। उसके पूर्व ही जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल, सांसद पंकज चौधरी, एमए व अधिकारी हंगामा देखकर चले गए।