जिले की बहुप्रतीक्षित चानकी घाट पुल की सड़क को पिच कराने और किसानों की जमीनों का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों की ओर से किया जा रहा जन आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। धरने की कमान महिलाओं ने संभाल ली है। मौके पर आंदोलनकारियों को मनाने पहुंचे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एके तिवारी और जेई आरपी चौधरी को बैरंग वापस आना पड़ा। दो घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही।
जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी ने कहा कि पिछले साल फ़रवरी में ग्रामीणों की मांग पर धरना दिया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शासन - प्रशासन को गुमराह करते रहे। आश्वाशन से तंग आकर जनता ने आंदोलन का रुख अख्तियार किया। 7 मई 2015 से 30 मई 2015 तक विशाल जन आंदोलन किया गया। इसके परिणाम स्वरुप पुल का एप्रोच बन सका।
उन्होंने कहा कि अब रास्ते के लिए जनता को परेशान किया जा रहा है। सहायक अभियंता एके तिवारी ने कहा कि किसानों की जमीनों के मुआवजा और सड़क के लिए विभाग उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
नेता जीतेन्द्र आर्य उर्फ कवि ने कहा कि आंदोलन के बदौलत ही हम अपने अधिकारों को प्राप्त करेंगे। धरना अपने आखिरी मुकाम तक जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता रवीन्द्र जैन ने कहा कि जनता अब जाग चुकी है। किसी अधिकारी या नेता के बहकावे में नहीं आने वाली है।
जिला पंचायत सदस्य जुगानी जायसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन के हिलाहवाली से चानकी पुल का सफ़र नहीं शुरू हो पा रहा है। युवा नेता दिग्विजय सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार चानकी पुल से सफ़र नहीं कराना चाहती। जिला पंचायत सदस्य खुर्शेद अंसारी उर्फ़ गुड्डूू ने कहा कि चानकी पुल जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना रवैये से अपने गति को नहीं पा सकी।
धरने में ओमप्रकाश मौर्य एवं प्रसिद्द लोक गायक क्रान्ति साहनी ने गीत के माध्यम से जनता को जागरूक किया। ईश्वर चंद गौतम, जीतेन्द्र यादव, रमाशंकर निषाद, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि योगेंद्र साहनी आदि ने भी संबोधित किया। विनय शंकर पांडेय, लालमन, सुकई, रमेश साहनी, राकेश साहनी, अंगद चौहान, रामबचन, आशीष चौबे, विजय यादव, रामदास, सुभावती, गुलाबी, नथुना, संगीता, मालती, समुन्द्रा देवी, कलावती, दुर्गावती, कमलावती, संभावती, हीरमती, रेशमा, लीलावती आदि उपस्थित रहीं।