निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल वन रेंज के जंगलों से सटे रामचन्द्रही में सीलिंग की 15 एकड़ जमीन पर जल्द ही पर्यटन विकास का कार्य किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम ने बुधवार को वन विभाग की टीम के मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कर कार्यदायी संस्था को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि पर्यटकों के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से उस जमीन पर मुख्य भवन सहित कई हाट बनाएं जाएंगे।
राजस्व निरीक्षक अवधेश सिंह ने बताया कि निचलौल वन रेंज के जंगल से सटे रामचन्द्रही में झील के पास स्थित सीलिंग की जमीन की पैमाइश के लिए वन विभाग अपना हक जमाते हुए रोक रहा था। ऐसे में वन विभाग को महराजगंज लेखागार में मौजूद चकबंदी से पहले और वर्तमान की नक्शा सहित अन्य साक्ष्य दिखाया गया।
इसके बाद वन विभाग ने जमीन की पैमाइश करने से रोक हटा दी। फिर वन कर्मियों की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम जमीन ने पैमाइश की। इस दौरान पता चला कि सीलिंग की कुछ भूमि को पट्टा करने के बाद भी अभी मौके पर करीब 30 एकड़ सीलिंग की जमीन बची है। ऐसे में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 15 एकड़ जमीन की पैमाइश कर पर्यटन विकास के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को दे दी गई है।
पर्यटकों के ठहरने के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से भवनों के अलावा कई हाट बनाए जाएंगे। कार्यदायी संस्था के सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप सिंह ने बताया कि जमीन की पैमाइश कर पिलर लग गया है। पर्यटन विकास के निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 13 फरवरी को जमीन का सर्वे किया जाएगा।