सोनौली। सोनौली डिपो में इन दिनों करीब 30 बसें खड़ी हैं। गोरखपुर रोड पर तीन बसें कम हैं, तो दिल्ली रोड पर दो बसें कम चल रही हैं। इसी तरह से अन्य रोड पर भी बसें कम कर दी गई हैं। चालक एवं परिचालकों की कमी के कारण यह समस्या हो रही है। डिपो में 45 बसों में महज 15 बसों का संचालन हो रहा है। इससे यात्रियों को ज्यादा रकम खर्च कर निजी वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। कुछ ट्रेन से सफर कर रहे हैं। भीड़ की वजह से परेशानी होती है।
जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संचालित सोनौली डिपो में चालक एवं परिचालकों की कमी है। यात्रियों को निजी वाहनों से ज्यादा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के द्वारा यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर समय-समय पर रोडवेज की बसों को आधुनिक बनाने को लेकर निर्देश जारी होते रहे हैं। अधिकारियों के निर्देश पर समय-समय पर रोडवेज बसों को दुरुस्त बनाने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन भारत-नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संचालित सोनौली बस डिपो में यात्री सुविधा बेहतर नहीं हैं। यहां पर व्यवस्थाएं राम भरोसे चल रही हैं।
सोनौली बस स्टैंड से रोजाना करीब 45 रोडवेज की बसें देश के अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं, लेकिन चालक और परिचालक के अभाव के चलते यहां पर 30 रोडवेज की बसें परिसर में खड़ी हैं। यात्री कुसुम, गंगाराम, प्रदीप, शमशेर, अर्जुन, निवासी सोनौली ने बताया कि समय पर बस मिलती नहीं है। इसलिए प्राइवेट बसों से गोरखपुर दिल्ली जाना पड़ता है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नंद किशोर चौधरी ने बताया कि दिल्ली, बनारस, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, मेंहदावल सहित अन्य सभी रूट पर बसे संचालित हो रही हैं। 45 गाड़ियां डिपो के पास हैं, जिसमें 30 से अधिक बसें खड़ी हैं। चालकों की भर्ती प्रकिया की तैयारी चल रही है। जल्द समस्या दूर हो जाएगी।