धर्मसिंहवा। पुनया गांव निवासी कृपाशंकर ओझा को इकलौते बेटे की मौत ने झकझोर कर रख दिया है। कोटा से लौटते समय अयोध्या में अंतिम संस्कार कर घर लौटे पिता ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य ही समाप्त हो गया है और यह कह कर वह रो पड़े।
राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे पुनया निवासी छात्र आर्यन ओझा की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजन भी आर्यन द्वारा खुदकुशी का का कारण अभी भी ढूंढ रहे हैं। आर्यन बुधवार सुबह में अपने पिता कृपाशंकर और बाबा से सहज मन से बात किया था। किसी भी मानसिक दबाव की चर्चा उसके द्वारा नहीं की गई थी। दोपहर में भी पिता द्वारा फोन किया गया था लेकिन मोबाइल फोन नहीं उठा।
उधर से कोचिंग में रहने का मैसेज दे दिया गया था, देर रात में पेइंग गेस्ट संचालक और अन्य छात्रों द्वारा पिता को सूचना दी गई थी कि बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी है। घटना की सूचना पर घर के सभी सदस्य परेशान हो गए। रात में ही मां प्रेमलता और पिता कृपा शंकर निजी साधन द्वारा कोटा के लिए निकल गए।