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Maharajganj News: अवैध पैथालॉजी की हो गई भरमार कार्रवाई से पहले हो जाते हैं फरार

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पनियरा में सील किया गया पैथालॉजी। 
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महराजगंज। जिले में अवैध पैथोलॉजी की भरमार है। इन पैथोलॉजी के संचालकों का तंत्र विभाग में भी जड़ें जमा चुका है। कार्रवाई से पहले ही संचालकों को भनक लग जाती है और वह बच निकलते हैं। ऐसे में नोटिस तक कार्रवाई सिमट कर रह जाती है।
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बीते दिनों छापामारी की कार्रवाई में भी यही हुआ। अधिकारियों ने एक पैथोलॉजी को सील किया जबकि दूसरे का संचालक फरार हो गया। ऐसे अक्सर होता रहता है। इस वजह से यह धंधा फल-फूल रहा है।
जिले में कलेक्शन सेंटरों के नाम पर अवैध लैब का मकड़जाल फैला हुआ है। गली-कूचों तक में कलेक्शन सेंटर चल रहे हैं। ये सेंटर ब्लड सैंपल तो ले रहे हैं लेकिन रखरखाव ठीक नहीं होने से मरीजों को सही रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। कुछ ही समय के अंतराल में कराई गई जांच रिपोर्ट में भिन्नता देखने को मिल रही है। सदर सीएचसी पर मिले महेंद्र यादव ने बताया कि शहर की एक पैथोलॉजी लैब से जांच करवाई थी तो प्लेटलेट्स 80 हजार थी।
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कुछ देर बाद ही दूसरी पैथोलॉजी पर सैंपल दिया तो एक लाख से ज्यादा निकली। चिकित्सक भी दो रिपोर्ट देख हैरानी हुईं। यह हाल केवल शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले के पैथोलॉजी सेंटरों का है। जिले में 82 पैथोलॉजी पंजीकृत हैं लेकिन इससे दोगुना का संचालन हो रहा है। कलेक्शन सेंटर पर अप्रशिक्षित कर्मी जांच करते हैं। सूत्र बताते हैं कि मरीजों को आधुनिक व बेहतर जांच का हवाला देकर यह केंद्र संचालक नमूने लेते हैं और उन्हें किसी पैथोलॉजी में भेजकर जांच कराते हैं। सही ढंग से रखरखाव न होने व परिवहन की दिक्कतों की वजह से कई बार नमूने खराब हो जाते हैं। लिहाजा मरीजों को उल्टी-सीधी जांच रिपोर्ट देकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जाता है। मरीज इसी रिपोर्ट पर भरोसा करके इलाज कराता है और उसे दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। अवैध पैथोलाॅजी संचालित करने वालों का नेटवर्क विभाग में काफी मजबूत बताया जाता है।
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