महराजगंज। सोमवार से माघ मास की गुप्त नवरात्र की देवी आराधना व उपवास का दौर शुरू होगा। यह चैत्र व शारदीय नवरात्र से अधिक फलदायी होता है।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग, उत्तराषाढ़ा एवं श्रवण नक्षत्र रहेगा। साधक मां आदिशक्ति की पूजा कर धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शारदीय एवं चैत्र नवरात्र पर श्रद्धालु माता की सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। जबकि आषाढ़ एवं माघ मास में होने वाली नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। गुप्त नवरात्र में साधक माता दुर्गा के स्वरूपों की पूजा एवं 10 महाविद्या की आराधना तथा तंत्र सिद्धि करते हैं।