महराजगंज/लक्ष्मीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर में शुक्रवार की देर रात गर्भवती महिलाओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। पहले सर्जन देर से आए, उसके बाद ऑपरेशन के दौरान एक महिला की हालत खराब हो गई तो परिजन हंगामा करने लगे। यह देखकर सर्जन चले गए। इसके बाद अन्य महिलाएं दूसरी जगह इलाज कराने चली गईं। बाद में दूसरे डॉक्टर ने महिला का इलाज किया। हालत में सुधार होने के बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर सीएचसी पर शुक्रवार सुबह वंदना मिश्रा निवासी सेमरहवां, जमुहनिया, अफसाना निवासी महुआरी, नईकोट, तेतरा निवासी टेढ़ी, सलोनी निवासी एकमा लक्ष्मीपुर आदि प्रसव पीड़ा से कराहते हुए भर्ती हुईं। चिकित्सक के इंतजार में सुबह से रात हो गई। बाद में लक्ष्मीपुर सीएचसी की सूचना पर सर्जन डाॅ. अमित जायसवाल पहुंचे। आठ घंटे से इंतजार करते मरीज व तीमारदार थक गए। देर रात पहुंचे सर्जन डाॅ. अमित जायसवाल ने ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने पहले वंदना मिश्रा का ऑपरेशन किया। इसके बाद दूसरी महिला अफसाना के ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान अधिक रक्तस्राव होने लगा। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने हंगामा कर दिया। हंगामा देख सर्जन डाॅ. अमित जायसवाल चले गए। लापरवाही को भांप तीसरी महिला तेतरा प्रसव कराए बिना कहीं और चली गई। बाद में डॉ. अरुण गुप्ता की देखरेख में महिला का इलाज हुआ तो हालत में सुधार हुआ।
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दहशत में बीती स्वास्थ्य कर्मियों की रात
लक्ष्मीपुर सीएचसी पर हंगामे के बाद कर्मी दहशत में रहे। डाॅ. अरुण गुप्ता, फार्मासिस्ट आदित्य त्रिपाठी, स्टाफ नर्स संध्या पांडेय, महेश व प्रभू तैनात रहे। सर्जन अमित जायसवाल ने बताया कि मेरी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। बेवजह हंगामा कर परेशान करने की कोशिश की गई। सुरक्षा कारणों से मैं चला गया।
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यह मामला संज्ञान में नहीं है। लक्ष्मीपुर सीएचसी प्रकरण की गहनता से जांच करने के बाद अगर किसी की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. नीना वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी