मृतक हरिखमन के रोते बिलखते परिजन।
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर वार्ड में नशे में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। रिश्तों को कलंकित कर देने वाली इस वारदात से गांव वाले भी सहमे हुए हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि जिस पिता ने कभी उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, उसी की हत्या करते समय शेषनाथ भी नहीं कांपा। हर नुक्कड़-चौराहे पर वारदात की चर्चा कई हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बेटा अक्सर शराब पीकर घर लौटता था। नशे में होने के कारण वह अक्सर घर में विवाद करता रहता था। इसके चलते परिजन काफी परेशान हो गए थे। रोजाना परिवार के लोग उसे समझाते थे। इसको लेकर आए दिन उसका विवाद होता रहता था लेकिन शायद ही किसी अंदाजा हो कि रोजाना होने वाले विवाद का अंत बेटे द्वारा पिता की हत्या से होगा।
बेटे की नशे की आदत के कारण हरिखमन (55) बुढ़ापे में भी मेहनत करके परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। सुबह से लेकर शाम तक वह मुंगफली का ठेला लगाते थे। लेकिन बेटे की नशे की आदत ने परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया। घर का इकलौता कमाने वाले की मौत से परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
मृतक के भाई हरिपाल ने बताया कि हरिखमन पिछले करीब एक महीने से बेटे को शराब छोड़ने के लिए लगातार समझा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह अपनी आदतों में सुधार करेगा लेकिन शनिवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। कलयुगी बेटे की इस करतूत से आसपास के लोग भी सहमे हुए हैं और कलयुगी बेटे की इस हरकत को कोस रहे हैं।