निचलौल। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत मदनपुरा गांव के पूरब ताल में मनरेगा योजना के तहत करीब 19 लाख रुपये की लागत से करीब साढ़े पांच एकड़ की भूमि पर गो-आश्रय स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें जिम्मेदारों की ओर से मनमानी की जा रही है। अमर उजाला ने 27 फरवरी के अंक में गो-आश्रय स्थल के निर्माण में मनमानी, ग्रामीणों ने दी चेतावनी शीर्षक से खबर को प्रकाशित की थी। मंगलवार जिले के उच्चाधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण सामाग्री साथ ले गई।
जांच टीम में शामिल जिला कृषि रक्षा अधिकारी हिमाचंल सोनकर ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से निर्माण कार्य में मनमानी की शिकायत की गई थी। ग्रामीणों ने कहा है कि गोवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मदनपुरा गांव के पूरब मुख्य सड़क से सटे चारागाह की करीब साढ़े पांच एकड़ भूमि पर मनरेगा योजना के तहत अस्थाई गो आश्रय स्थल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिम्मेदार मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य करा रहे हैं। इतना ही नहीं निर्माण कार्य में गांव के मजदूरों को भी रोजगार नहीं दिया जा रहा है।
रोजाना कार्यस्थल पर छह से आठ मजदूर लगाकर मस्टरोल में 40 से 50 मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है। कार्यस्थल पर निर्माण कार्य का जिम्मेदारों ने बोर्ड तो लगाया है, लेकिन बजट नहीं दर्शाया है। इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर निर्माण कार्य में लगाई गईं ईंट, बालू, सीमेंट सहित अन्य सामाग्री को नमूने के लिए रखा गया है। अगली कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी जाएगी। टीम में यूपी राजकीय निर्माण के अवर अभियंता बृजेश सिंह और सिसवा ब्लॉक के एपीओ सौरभ सिंह भी शामिल रहें।