निचलौल। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम से कोटेदारों के गोदामों तक पहुंचाने के बीच 18 फरवरी को गरीबों के खाद्यान्नों में कालाबाजारी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखने को मिली थीं। इस मामले में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था।
उसके बाद संबंधित विभाग के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। जिम्मेदार मामले को गंभीरता से लेते हुए आनन-फानन में जांच टीम गठित कर रिपोर्ट लेना भूल गए हैं। यही कारण है कि जांच टीम की ओर से कछुए की चाल से मामले की जांच की जा रही है। क्योंकि करीब 20 दिन गुजरने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार कुछ भी बताने में असमर्थ हैं। ऐसे में विभाग के संबंधित जिम्मेदारों के प्रति कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्ति निरीक्षक सिसवा जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि 18 फरवरी को सूचना मिली थी कि एफसीआई के गोदाम से कोटेदारों के गोदामों के लिए खाद्यान्न लेकर निकली जीपीएस लगी एक ट्रक को निचलौल चिउटहा मार्ग स्थित हथियागढ़ गांव से काफी दूर सुनसान पर जगह पर रोका गया था। जहां पर रुकी ट्रक से गरीबों के राशन को कुछ लोगों की ओर कालाबाजारी किया गया था। जिस मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
फिलहाल जांच टीम कहा तक पहुंची है। जांच टीम में कितने सदस्य शामिल है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ऐसे में पूर्ति निरीक्षक के जवाब को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि मामले में कहा तक जांच पहुंची है। जिम्मेदारों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।स