महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जर्दी टोला भगड़ा निवासी एक युवक की मुंबई में शटरिंग का काम करते समय मौत हो गई थी। रविवार को शव लेकर पहुंचे युवक को मुआवजे के लिए परिजनों ने बंधक बना लिया। मालिक ने जब रकम भेजी तब जाकर परिजनों ने छह घंटे बाद चिता को मुखाग्नि दी।
पिता रामानंद ने बताया की उनका छोटा पुत्र महेंद्र मुंबई में रहकर शटरिंग का काम करता था। डेढ़ माह पूर्व घर से वहां कमाने गया था। 18 सितंबर को काम करते सिर में सरिया घुस जाने से उसकी मौत हो गई। वह जिस मालिक के यहां काम करता था, उसने एंबुलेंस से एक युवक के साथ शव को घर भेज दिया।
जर्दी पहुंचने पर शव को लेकर आए एक युवक को लोगों ने बंधक बना लिया। रविवार सुबह बड़हरा लाल पुल के पास रोहिन नदी के किनारे महेंद्र का शव चिता पर रख दिया और मुंबई फोन कर बोला कि जब तक पैसा नहीं भेजेंगे शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
कंपनी मालिक ने साढ़े चार लाख रुपये मृतक की पत्नी सुनिता के खाते में भेजा। तब जाकर कर्मी को छोड़ा गया। उसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक दो भाई में छोटा था। बड़ा भाई जनार्दन भी साथ ही में रहकर कार्य करता था। मृतक की तीन बच्चियां हैं जिनमें सलोनी 8 वर्ष, साधना 5 वर्ष व शौर्या 3 वर्ष हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस तो शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था।