महराजगंज। सितंबर माह में भी मेघ रूठे हुए हैं। बारिश न होने से उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल हो गए हैं। कूलर, पंखा के सामने भी लोग गर्मी से तरबतर हो जा रहे हैं। बारिश न होने से धान के खेत पीले हो गए हैं। किसान सिंचाई कर रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री रिकार्ड किया गया, लेकिन 46 डिग्री गर्मी का अहसास लोगों को हुआ।
गर्मी की प्रचंडता कम होने की जगह रोजाना बढ़ती जा रही है। सप्ताह के प्रारंभ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक था जो अंतिम दिन तक पहुंचते-पहुंचते 36 डिग्री तक जा पहुंचा है। लोगों को यह महसूस तक नहीं हो पा रहा कि वह मई-जून का महीना बिताकर आगे बढ़ चुके हैं। सूर्योदय होने के साथ ही तेज धूप के चलते तापमान बढ़ने का क्रम शुरू हो जाता है जो शाम तक चलता रहता है।
दिन डूबने के बाद भी धूप की तपिश देर रात तक उमस के रूप में प्रभाव डालती रहती है। तापमान कम होने पर भी गर्मी का एहसास कम होने का नाम नहीं ले रहा और लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि गर्मी से निजात कैसे मिलेगी। बारिश न होने के कारण किसान भी सशंकित हैं। धान की फसल को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें सिंचाई करनी पड़ रही है, फिर भी फसल में झुलसा रोग का खतरा बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि मानसून की बेरुखी का असर उत्पादन पर पड़ सकता है। जवाहर लाल नेहरू पीजी कालेज के भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि मौसम साफ है इसलिए तापमान में और इजाफा आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।