लक्ष्मीपुर रेंज टेढ़ी घाट वन चौकी की छत पर 22 नवंबर की देर रात बैठा हुआ था तेंदुआ
नौतनवा। लक्ष्मीपुर रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल के किनारे बसे गांव दशरथपुर में तेंदुआ का दिखना ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। गांव में घुसकर तेंदुआ बकरियों को उठा ले जा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। हालांकि वनकर्मी गश्त कर रहे हैं लेकिन तेंदुआ मौका देखकर शिकार कर ले रहा है। तेंदुए की गतिविधियों के बढ़ने से ग्रामीणों को सुरक्षा का डर सता रहा है। लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं।
सोहगी बरवा वन्य जीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज टेढ़ी घाट वन चौकी की छत पर तेंदुआ 22 नवंबर की देर रात बैठा हुआ था। गश्त के बाद लौटे वनकर्मियों की नजर पड़ी तो टार्च जलाकर शोर करने के बाद तेंदुआ छत से उतरकर जंगल में चला गया। इसके बाद से जंगल में तेंदुआ कई बार वनकर्मियों को दिख चुका है। 22 नवंबर की सुबह ही दशरथपुर गांव के अरविंद यादव के झोपड़ी में घुसकर तेंदुआ ने बकरी को झपट्टा मारकर घायल कर दिया था। परिजनों और ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद वह जंगल में चला गया। 29 नवंबर की सुबह लगभग 11 बजे किरन सहानी की झोपड़ी में बंधी बकरी को दबोच कर तेंदुआ जंगल में लेकर चला गया।
दशरथपुर गांव के आसपास तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत बना हुआ है। रात में लोग दरवाजा बंद कर घर में सोते हैं लेकिन पशुशाला में बंधी मवेशियों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीण नरेन्द्र यादव, फारूक, वीरेन्द्र, दीपक, जितेन्द्र, राम बहाल, राम नयन, रोहित, मीरा, गुड़िया, संगीता, निर्मला आदि ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ गांव के आसपास जंगल में बार-बार दिख रहा है। तेंदुआ ने जब से गांव में आकर दो बकरियों का शिकार किया है तब से लोगों का डर और चिंता बढ़ गई है। रेंजर मोहन कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन कर्मियों के साथ गश्त किया जा रहा है। लोगों ने अपील है कि वन क्षेत्र की ओर अकेले न जाएं।