नौतनवा। सोहगी बरवा वन्य जीव प्रभाग उत्तरी चौक रेंज के जंगल के किनारे बसे गांव चकदह टोला शाहपुर के पूरब कुटी में रह रहा तेंदुआ जंगल में चला गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रविवार को रेंजर रविंद्र प्रताप सिंह ने गश्त कर तेंदुआ का पता लगाया, लेकिन वह कुटी में नहीं दिखा।
चकदह गांव के शाहपुर टोले से पूरब जंगल के किनारे कुटी में रह रहे साधू शिवपूजन यादव पर तेंदुआ ने गत 7 अप्रैल को हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद 9 अप्रैल को डिप्टी रेंजर राकेश कुमार वन कर्मियों के साथ तेंदुआ का पता लगाने गए कुटी पर गए तो वाचर मनोज कुमार यादव पर हमला कर घायल कर दिया था। 18 अप्रैल को कुटी में रहने गए साधू शिव प्रसाद यादव को तेंदुआ ने हमला कर घायल किया था, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद 19 अप्रैल को झोपड़ी में बैठा तेंदुआ सेमरहवा के बरतानी टोले की 10 वर्षीय बालिका सुंदरी, 22 अप्रैल को सेमरहवा टोला बरतानी के सुनील राजभर पर हमला कर घायल कर दिया था। तेंदुआ के बार-बार हमले से ग्रामीण दहशत में थे। वनकर्मी तेंदुआ को जंगल में भगाने के प्रयास में लगे थे। लगभग दो माह बाद तेंदुआ कुटी छोड़कर जंगल में चला गया। उत्तरी चौक रेंजर रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार को वन कर्मियों के साथ कुटी तथा आसपास के जंगल में गश्त किया गया, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा। इससे लगता है कि कुटी छोड़कर जंगल में चला गया होगा।