सक्सेना चौराहे पर आर्टिफिशियल फूलों की खरीदारी करते लोग।संवाद
महराजगंज। सहालग के दौर में आर्टिफिशियल की जगह ताजे फूलों से सजावट का क्रेज बढ़ा है। फूलों के कारोबारी मिल रही बुकिंग के मुताबिक फूलों का ऑर्डर वाराणसी के गोदौलिया व मलगहिया मंडी से मंगाकर मुनाफा कमा रहे हैं।
जिला मुख्यालय के पारस माली जनपद के बड़े फूल कारोबारी माने जाते हैं। बताया कि इन दिनों गुलाब, गेंदा व अर्किड के फूल सहालग की सजावट के लिए मंगाए जा रहे हैं। पहले शादी-विवाह में लोग दिखावटी फूल व बैलून डेकोरेशन पसंद करते थे, लेकिन अब ताजे फूलों की सजावट का चलन बढ़ा है। जयमाल स्टेज, विवाह मंडप, दूल्हे की बग्घी या कार की सजावट की एक बुकिंग 20 हजार में इन दिनों की जा रही।
एक बुकिंग से चार से 5 हजार बचते हैं। सजावट में दो घंटे के लगभग समय लगता जिससे एक ही दिन के कई आर्डर भी मिल जाते हैं। ऐसे में आदमी रखकर सजावट पूरा कराया जाता। पांच फरवरी 2026 से अबतक 17 बुकिंग पूरी की गई अभी सात बुकिंग इस महीने में शेष है। बुकिंग के मुताबिक फूल वाराणसी से मंगाए जाते।
50 रुपये किलो मिलती गुलाब की पत्तियां
फूलों से मांगलिक कार्यक्रमों में सजावट करने वाले रामू सैनी ने बताया कि पहले लोग आर्टिफिशियल फूल से सजावट कराते थे, लेकिन इसमें परफ्यूम अलग से खर्च करना पड़ता। लेकिन बदले चलन ने ताजे फूलों का कारोबार बढ़ाया है। बताया कि गुलाब इन दिनों 1000 रुपये किलो व अर्किड के फूल 900 रुपये किलो मंगाए जा रहे। गेंदा का रेट साइज के हिसाब से है। सबसे छोटा आकार तीन सौ रुपये किलो है। आकर्षक लुक के लिए गुलाब की पत्तियां भी मंगाते जो 50 रुपये किलो मिलता है। एक बुकिंग में दो से तीन हजार बच रहे हैं।