सिद्धार्थनगर। बुद्धनगरी के विकास को रफ्तार देने के लिए शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) परियोजना पर शासन की मुहर लग गई है। शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। भारत के राजपत्र में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रकाशित अधिसूचना के तहत जिले की तीन तहसीलों में 45.164 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का किमी 613.400 से किमी 658.564 का हिस्सा जिले से होकर गुजरेगा। इसके तहत जिले के बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसीलों के 88 गांवों में दो हजार किसानों की 541 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। चिह्नित भूमि के संबंध में एडीएम सिद्धार्थनगर के कार्यालय में 21 दिन के अंदर आपत्ति दाखिल की जा सकती है। आपत्ति निस्तारण के बाद किसानों को मुआवजा वितरण करते हुए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
जिले से गुजरने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए एनएचएआई ने 88 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का चिह्नांकन किया है। इसके लिए बांसी तहसील के 45, इटवा तहसील के 15 और डुमरियागंज तहसील के 28 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण होना है। एनएचएआई ने सर्वे कर इन गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जानी है। सर्वे के अनुसार, एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। इसमें एनएचएआई कार्यालय अयोध्या में बांसी तहसील के 19, डुमरियागंज 27 और इटवा के 20 गांव शामिल है जबकि एनएचएआई गोरखपुर से बांसी तहसील के 26 गांव शामिल है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में अधिग्रहित किए जाने वाले गाटों की संख्या और रकबा भी शामिल है।
एक्सप्रेसवे के लिए बांसी तहसील के कोल्हुआ, तुगलकपुर, अमघटी, कोल्हुई बुजुर्ग, भैंसठ, बिमौआ खुर्द, खदरा, सिंगिया, जाल्हेखोर, मिठवल बुजुर्ग, डुमरियागंज तहसील के महतिनिया बुजुर्ग, अकोलिहा, खम्हरिया, पिपरा कानूनगो, पुरैना और इटवा तहसील के बहादुरपुर आदि गांव में एक्सप्रेसवे के निर्माण से आवागमन के साथ यहां उद्योग लगाने व निर्यात में सहूलियत होगी।