महराजगंज। 30 मार्च रविवार से हिंदू नवसंवत्सर 2082 सिद्धार्थ प्रारंभ हो रहा है। नव संवत्सर में ग्रहों का नया मंत्रिमंडल भी बनता है, जिसका प्रभाव पूरे वर्ष बना रहता है।
इस बार बन रहे नए मंत्रिमंडल में राजा और मंत्री दोनों पदों पर सूर्यदेव का कब्जा रहेगा। इसका प्रभाव नव संवत्सर प्रारंभ होने से पहले तापमान वृद्धि से दिखने लगा है।
ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि राजा और मंत्री पद पर सूर्य के काबिज रहने के कारण तापमान में भारी बढ़ोत्तरी होगी और अग्निकांड की घटनाएं भी पिछले वर्ष की अपेक्षा बढ़ेंगी। ज्योतिष के जानकार पंडित विंध्यवासिनी पांडेय के अनुसार, रविवार से नवसंवत्सर 2082 शुरू हो रहा। यह संवत्सर कलियुग के 5126 के बीतने के बाद आ रहा। नवसंवत्सर को सृष्टि सृजन का दिन माना जाता है। इस दिन ग्रहों का मंत्रिमंडल बनता है।
नए मंत्रिमंडल में सूर्यदेव राजा और मंत्री दोनों पदों पर आसीन रहेंगे। इससे तापमान में बेतहाशा वृद्धि होगी, जिसका प्रभाव संवत्सर शुरू होने से पहले दिख भी रहा है। इस बार बारिश भी अच्छी होने संभावना रहेगी। इसके अलावा संवत्सर प्रारंभ होने के समय विशेष पंचग्रही योग भी बन रहा है जो राजनीति में कूटनीति सफलता का घोतक है। सूर्य, चंद्र, शनि, बुध व राहु एक साथ मीन राशि में संचरण करेंगे।
नया संवत्सर कालयुक्त अथवा सिद्धार्थ नाम से जाना जाएगा। सिद्धार्थ का अर्थ जिसने लक्ष्य पा लिया हो उसे कहते हैं। इसका प्रभाव भी रहेगा। जिन राशियों में सूर्य बलवान रहेंगे वह लक्ष्य आसानी से भेद सकेंगे और सफलता हासिल करेंगे। सस्येश बुध, धान्येश चन्द्र, मेघेश सूर्य, रसेश शुक्र, नीरसेश बुध, फलेश शनि, धनेश मंगल, दुर्गेश शनि का मिलाजुला असर रहेगा। राजनीति में अस्थिरता के साथ कोविड जैसा कोई नया रोग प्रभाव डाल सकता है।