श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर जरलहिया निवासी लोरिक यादव की पांच बेटी और आठ वर्ष का बेटा है। दिल्ली में डेयरी फार्म पर रहकर वह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लोरिक ने बताया कि तीन बेटियों ज्योति, उजाला व रोशनी की शादी कर दी है। दो बेटियों आंचल व महिमा की शादी नहीं हुई है।
16 फरवरी 2023 को धूमधाम से तीसरी बेटी रोशनी की शादी की थी। शादी के बाद वह दिल्ली चला गया। बेटी ससुराल में खुश थी। कुछ ही दिनों बाद उसका पति उमेश भी रोजी-रोजगार के लिए बाहर चला गया। इसके बाद रोशनी के जीवन में अंधेरा छाने लगा।
ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाता था। मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था। मायके वालों से बात नहीं करने दिया जा रहा था। गांव का कोई मिलने जाता था तो चिट्ठी लिखकर मां को अपनी पीड़ा बताती थी। मां गिरिजा देवी ने बताया कि पहले मिले चिट्ठियों से आशंका थी कि कभी न कभी कोई अनहोनी हो सकती है।
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माई भुलइले मोबाइल ने भेजिहे, नाहीते हमके मार दिहें
रोशनी ने पहले ही हत्या की आशंका जताई थी। सास व ससुर ने जब मोबाइल फोन से बात करने पर पाबंदी लगा दी तो रोशनी ने कागज के छोटे से टुकड़े पर हत्या की आशंका जताते लिखकर अपनी मां के पास भेजा था। उसने लिखा था माई भुलइले मोबाइल ने भेजिहे, नाहीते हमके मार दिहें कुल।
इसके अलावा भी कई सारी चिट्ठियां उसने अपनी मां को भेजा था। रोशनी की मां गिरिजा देवी ने कहा कि यदि पहले ही इन सारी बातों की शिकायत प्रशासन से की होती तो शायद आत बेटी जिंदा होती। मैंने तो सोचा था कि धीरे-धीरे सबकुछ ठीक हो जाएगा। मुझे क्या पता था कि दहेज लोभी उसकी जान ले लेंगे।