महराजगंज। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त लेने के लिए तीमारदार करीब घंटे भर इधर-उधर भटकता रहा। बाद में एक कर्मी आया तब जाकर उसे रक्त मिला। वहीं सीएमएस ने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चेतावनी देने बात कही।
रविवार को दोपहर 12 बजे ब्लड बैंक का दरवाजा खुला था, लेकिन कुर्सियां खाली थीं। कमरे में कोई कर्मी नहीं था। गेट के पास नबींगज के रहने वाले नितेश प्रजापति मिले। वह करीब 20 मिनट पहले आए थे। उन्होंने बताया कि मां की तबीयत खराब है। रक्त लेने आया हूं। डोनर भी साथ में है। यहां कोई कर्मी नहीं दिख रहा है। पता नहीं कोई कब आएगा। रक्त की बेहद जरूरत है। नितेश ने किसी को फोन किया। वह ब्लड बैंक में इधर-उधर भटकते रहे। उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं था।
करीब एक घंटे के बाद एक कर्मी आया तो डोनर ने रक्तदान किया। इसके बाद वह रक्त लेकर गए। नितेश ने बताया कि मां एक निजी अस्पताल में भर्ती है। उसे रक्त चढ़ाया जाना है। कर्मी यहां समय से मिले होते तो परेशान नहीं होना पड़ता। समाजवादी पार्टी के नेता दिलीप शुक्ला ने कहा कि लापरवाही के कारण लोगों को अस्पतालों में प्रत्येक दिन परेशान होना पड़ता है। जनता की समस्या के प्रति न तो अधिकारी गंभीर हैं न ही कर्मचारी सतर्क हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगी। जांच के बाद लापरवाह कर्मियों की चेतावनी दी जाएगी। सभी कर्मियों को समय से अपने पटल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।