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Maharajganj News: गठबंधन ने लगाई भाजपा के किले में सेंध

Thu, 06 Jun 2024 03:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। लोकसभा चुनाव में वोटरों ने भाजपा को जीत दिलाई है। यह जीत हर बार की तरह नहीं है। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले महराजगंज जिले में हर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को अच्छा वोट मिला है, लेकिन यह जीत नहीं दिला सका। आंकड़े बया कर रहे हैं कि गठबंधन का जनाधार बढ़ा है। हर वर्ग के लोगों ने मत दिया है। अंतर सिर्फ इतना है कि भाजपा के प्रति मोह अधिक रहा, गठबंधन के प्रति ज्यादा नहीं दिखा। इस वजह से लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर में भाजपा को जीत मिली।
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अब महराजगंज लोकसभा सीट से सातवीं बार पंकज चौधरी सांसद हो चुके हैं। इसे लेकर हर कोई अपने हिसाब से चुनाव समीक्षा कर रहा है। भगवामय महराजगंज में कांग्रेस गठबंधन के बढ़ते जनाधार ने सियासत के जानकारों को सोचने के लिए विवश कर दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में 59.2 प्रतिशत वोट पाकर भाजपा को जीत मिली थी, लेकिन इस बार यह जीत महज 48.85 प्रतिशत वोट पाकर मिली है। गठबंधन को 45.92 प्रतिशत वोट मिले हैं। 2.75 प्रतिशत वोटों के अंतर ने करिश्मा कर दिया। इन आंकड़ों को लेकर बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर चर्चा होती रही। खोन्हौली नगर के पुल के पास एक दुकान पर लोग चर्चा कर रहे थे। यह क्षेत्र सिसवा विधानसभा में आता है। यहां चुनाव परिणाम को लेकर बहस छिड़ी थी।
यहां के रहने वाले कृष्ण मणि पटेल कहने लगे की सबको लगता था, कुर्मी वोटरों में बिखराव ज्यादा होगा। परिणाम आया तो सबका आकलन फेल हो गया। भाजपा को सर्वाधिक बढ़त सिसवा विधानसभा ने ही दिलाई है। मत बटें लेकिन इतने नहीं की भाजपा की हार हो जाए। लोकतंत्र का यही रंग किसी को समझ में नहीं आता है। इनको रोकते हुए दिलीप कहने लगे की यह चुनाव परिणाम भाजपा के दरकते वोट बैंक का संकेत है।
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वहीं नागेंद्र, राजुकमार, टीकेश्वर ने हामी भरते हुए कहा कि टक्कर तो खूब हुई। ऐसा पहली बार हुआ है, जब भाजपा की जीत के लिए जद्दोजदह करनी पड़ी। इसी तरह फरेंदा शहर से थोड़ी दूरी पर विधायक चौराहे के पास कुछ लोग मिले, वे अफसोस कर रहे थे की गठबंधन प्रत्याशी ने थोड़ा जोर और लगाया होता तो तस्वीर बदल गई होती। इस क्षेत्र के लोगों ने पूरी कोशिश की। यहां से 13,157 वोट कांग्रेस को भाजपा से अधिक मिला है।
नरेश ने कहा कि यह बढ़त हर विधानसभा में मिली होती तो जीत पक्की रहती। सदर विधानसभा में भाजपा को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। यहां से तो महज 178 वोट ज्यादा भाजपा को मिला है। धनेवा मोड पर मिले जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सदर में लोगों को अधिक नाराजगी थी, यह नाराजगी वोट में बदला तो मुकाबला रोचक हो गया था। यहीं पर रिल बना रहे युवा शमशेर, सत्यम ने बताया कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, तो क्या करेंगे। अभी से अगर भाजपा सजग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परिणाम जरूरी बदलेगा।
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