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Maharajganj News: वक्फ मिल्कियत का हिस्सा रहा 20 एकड़ का बगीचा

Mon, 07 Apr 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। जनपद में वक्फ की संपत्ति पर मुतवल्ली अपना अधिकार पुख्ता कर रहे हैं। वक्फ की मिल्कियत पर न सिर्फ नाम चढ़ा बल्कि पिछले माह तक इसकी जमीन औने-पौने रेट पर बिकती रही। लगभग 20 एकड़ के दो आम के बगीचे भी शामिल हैं।
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जनपद में वक्फ की 444 संपत्तियां अभिलेखीय रिकॉर्ड में हैं। इसमें सर्वाधिक मिल्कियत सदर तहसील के खुटहां-मुड़िला में ही रही। यहां 300 एकड़ की न सिर्फ जमीन वक्फ को दान में मिली थी, बल्कि इसमें लगभग 20 एकड़ के दो आम के बगीचे भी शामिल रहे। मौजूदा समय में बगीचे की जमीन भी मुतवल्ली की मिल्कियत में शामिल हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो इसमें नौ एकड़ की भूमि से न सिर्फ मिट्टी खनन कराकर बिक्री हो रही है, बल्कि पांच एकड़ के लगभग की जमीन को प्लाॅटिंग कर बेचा जा रहा है। वक्फ की जमीन खरीदने वालों की फेहरिस्त की बात करें तो यह 30 वर्ष में 150 से अधिक हो चुकी है। यह ऐसे खरीदार हैं, जिन्होंने वक्फ की मिल्कियत मानी जाने वाली जमीनों को न सिर्फ खरीदा बल्कि 80 से अधिक ने कोई न कोई पक्का निर्माण कर अपने कब्जे का प्रबंध भी कर रखा है।
जमीन खरीदने वालों की बात करें तो चर्चा है कि लोगों में वक्फ की जमीन खरीदने का साहस इसलिए हुआ क्योंकि जमीनों को औने-पौने रेट पर मुतवल्ली और उनके लोगों ने बेच दिया। किसी को एक लाख बीघा में जमीन मिली तो कुछ ऐसे लोगों को भी जमीन मिली, जिन्होंने इस गड़बड़झाले के विरोध में खड़े होने की हिम्मत की। उन्हें भी एक बीघा दो बीघा जमीन देकर शांत कर दिया गया। ऐसे लगभग 15 से 20 लोग हैं। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी मुतवल्ली और जमीन लेने वालों पर धोखाधड़ी का अभियोग तो किसी ने नहीं पंजीकृत कराया, लेकिन एक-दूसरे से पत्राचार खूब किया गया। मामले में आखिरी पत्राचार की बात करें तो यह सितंबर 2024 को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का है, जिसमें आयोग को यह रिपोर्ट दी गई है कि उनके आदेश का अनुपालन कराने के लिए जिम्मेदारों को पत्र भेज दिया गया है।
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अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल ने बताया कि नया बदलाव क्या होता है और क्या निर्देश विभाग को मिलते हैं अब कार्रवाई उसी निर्देश पर तय होगी।
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