महराजगंज। मौसम की दुश्वारी से लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। दिन के समय जहां तल्ख धूप परेशान कर रही है, वहीं रात के समय न्यूनतम तापमान में हो रहे इजाफे से लोगों की नींद उड़ जा रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का यह संकेत उपज पर असर डाल सकता है।
मार्च के बाद अप्रैल में गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। इसमें तल्ख धूप के साथ-साथ पछुआ हवा लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। तेज धूप और गर्म धूल उड़ाती हवा से अधिकतम तापमान बढ़ा रहा है, वहीं रात में न्यूनतम पारे में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 21 से बढ़कर 26 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान के बढ़ने से रात के समय में भी गर्मी से लोगों का पीछा नहीं छूट रहा है। इसकी वजह से अभी से नींद नहीं पूरी हो पा रही है। हवा की रफ्तार शनिवार के मुकाबले कम जरूर रही, लेकिन लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिली।
जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह का कहना है कि न्यूनतम तापमान में वृद्धि जलवायु परिवर्तन का संकेत दे रहा है। इसका असर सेहत के साथ-साथ फसलों के उत्पादन पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिन में तापमान में बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं।