महराजगंज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जीपीएफ वापसी व चयन वेतनमान को लेकर बृहस्पतिवार को परिषदीय शिक्षकों ने हुंकार भरी। समस्याओं को लेकर पहले बैठक कर विचार-विमर्श किया। इसके बाद जिलाधिकारी और बीएसए को ज्ञापन सौंपा। इसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने के नोटिस के बाद बीईओ उक्त स्कूलों के प्रबंध समिति पर दबाव डालकर हस्ताक्षर करा रहे हैं। यह न सिर्फ गलत बल्कि निंदनीय है। चयन वेतनमान पाने का अधिकार हर शिक्षक को 10 वर्ष की सेवा के बाद होता है, लेकिन इसका आदेश न देकर अधिकार छीन रही है।
इन समस्याओं से घिरे शिक्षक परेशान हैं, लेकिन इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी जा रही जो अन्याय है। जल्द इसपर विचार करते हुए कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक अपना अधिकार पाने के लिए हर लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।
बैठक के उपरांत मौत पत्र जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया गया। इस मौके पर महामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र, जिला संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक, मंत्री घुघली मनोज वर्मा मौजूद रहे।
विलय रोकने के लिए संगठन लाएगा प्रस्ताव
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्कूलों के विलय के खिलाफ प्रस्ताव लाने की रूपरेखा तय की है। जिला संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक ने बताया कि संगठन जिलाध्यक्ष व महामंत्री की तरफ से सभी ब्लाक अध्यक्ष व मंत्री के लिए निर्देश पत्र जारी किया है। विलय नोटिस वाले स्कूलों पर ब्लाॅक शिक्षक संगठन के लोग, सेवानिवृत्त शिक्षक, स्कूल प्रबंध समिति सदस्य व अभिभावक के साथ 30 जून को बैठक की जाएगी। इसमें ग्राम प्रधान व सभासद आमंत्रित कर स्कूलों का विलय रोकने का प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित करते हुए प्रस्ताव की प्रतिलिपि डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी व शासन को प्रेषित की जाएगी।