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कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम धीमी

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पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती मरीज। - फोटो : MAHARAJGANJ
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कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम धीमी
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पोषण पुनर्वास केंद्र के 10 बेड़ पर छह बच्चे भर्ती
केंद्र तक बच्चों को पहुंचाने में रुचि नहीं
महराजगंज। जिले में कुपोषण दूर करने के लिए चल रही मुहिम धीमी पड़ चुकी है। वजह कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। जिला अस्पताल स्थित 10 बेड़ के पोषण पुनर्वास केंद्र के कई बेड़ खाली हैं। छह बच्चे ही भर्ती हैं।
सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है, लेकिन बाल विकास सेवा, पुष्टाहार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। एक सितंबर से अब तक पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल 19 कुपोषित बच्चों का इलाज हुआ है। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज व पौष्टिक आहार के माध्यम से सुपोषित बनाने का प्रयास किया जाता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को लाया जाता है, जो बच्चे गंभीर कुपोषित होते हैं उन्हें भर्ती कर इलाज किया जाता है। वर्तमान में भर्ती बच्चों की बेहतर ढंग से देखभाल की जा रही है।
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पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को निशुल्क भर्ती किया जाता है। बच्चों को डॉक्टर की सलाह पर पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अलावा बच्चे की मां को भी आहार उपलब्ध कराया जाता है। 102 एंबुलेंस के माध्यम से बच्चे को घर से केंद्र तक लाने व ले जाने की सुविधा दी जाती है। भर्ती होने के दौरान बच्चे की मां को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दैनिक भत्ता भी दिया जाता है। इस केंद्र पर अगर आंगनबाड़ी या आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाता है तो उन्हें 50 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा फालोअप के बाद भी निर्धारित धनराशि दी जाती है।
जिले में 353 गंभीर कुपोषित बच्चे
जिले में मध्यम वर्ग के कुपोषित मैम कटेगरी में कुल 4096 बच्चे हैं। गंभीर रूप से कुपोषित सैम कटेगरी में कुल 353 बच्चे शामिल हैं। इसमें निचलौल 26, सिसवां तीन, मिठौरा 27, पनियरा 108, सदर 16, घुघली 14, शहर क्षेत्र चार, फरेंदा 13 , बृजमनगंज छह, धानी पांच, परतावल 43, नौतनवां आठ, लक्ष्मीपुर में 80 बच्चे हैं।
गंभीर कुपोषित बच्चों की सेहत की जांच के बाद उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। उनका बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार आहार देकर सुपोषित बनाने का प्रयास जारी है।
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डॉ. रंजन मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ
सीएचसी स्तर नियमित टीकाकरण में आने वाले बच्चों में गंभीर कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने और पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर करने के लिए सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गौरव सिंह सोगरवाल, सीडीओ
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