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महराजगंज डिस्ट्रिक्ट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जाहिर की नाराजगी
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महराजगंज। महराजगंज डिस्ट्रिक्ट स्कूल एसोसिएशन की रविवार को हुई बैठक में शिक्षा विभाग पर आरटीई (राइट टू ऐजूकेशन) के तहत अपात्र बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने का आरोप लगाया गया। कास्मोपोलिटन स्कूल में हुई बैठक में कहा गया कि ऐसे बच्चों के प्रवेश जबरन दिलवाया जाता है, जिनके अभिभावकों के पास करोड़ों की दुकानें, चार पहिया गाड़ी, राइस मिल इत्यादि हैं।
एसोसिएशन के सचिव महेंद्रानंद जायसवाल ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ही अपात्र लोगों की लिस्ट मिलीभगत करके तैयार की जाती है और जबरन निजी विद्यालय को डरा धमका कर प्रवेश दिलवाया जाता है। इससे स्कूलों में आर्थिक समस्या बढ़ गई है। स्कूल अपने शिक्षकों का वेतन भी सही समय पर नहीं दे पा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर विद्यालयों को मान्यता प्रत्याहरण की बात करना समस्या को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का दाखिल स्कूलों में करा दिया जाता है, लेकिन उसके एवज में मिलने वाली रकम को देने में शिक्षा विभाग उदासीनता बरत रहा है। वर्ष 2019 से 21 तक करीब 250 स्कूलों की 90 लाख से अधिक की रकम बकाया है। इस वर्ष अभी दाखिले के लिए विभाग से सूची नहीं मिली है। सभी विद्यालय आरटीई के तहत बच्चों को पूरे समर्पण भाव से पढ़ा रहे हैं। कोरोना काल के दौरान से ही विद्यालयों की आर्थिक स्थिति खराब है। विद्यालय अपने जरूरी खर्चों को भी नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की नीतियों को पूरी तरह लागू करने का काम करते हैं।
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संगठन के अध्यक्ष आलोक रंजन त्रिपाठी ने कहा कि विभाग से मिलीभगत करके अपात्र लोगों को ही आरटीई के तहत विद्यालय में दाखिला दिया जा रहा है। निजी विद्यालय कभी भी ऐसे पात्र का दाखिला नहीं रोकता, जो आर्थिक रूप से कमजोर है। संगठन समय समय पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करता ही रहता है। इस दौरान विपिन तिवारी, अंकुर गुप्ता, नसीम, गजेंद्र, आनंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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