ट्रॉम- वे रेल परियोजना की भेजी गई रिपोर्ट
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर में स्थित ट्रॉम वे रेल परियोजना के शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर बढ़ने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से परियोजना को शुरू किए जाने के लिए वन विभाग के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई है। यदि वन विभाग के अधिकारियों ने भी रुचि दिखाई तो न एक बार फिर ट्रॉम वे रेल परियोजना पटरी पर होगी।
सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के पास ब्रिटिश शासन में वर्ष 1924 में देश की पहली ट्रॉम वे रेल परियोजना स्थापित की गई थी। परियोजना के तहत लक्ष्मीपुर रेंज से उत्तरी चौक रेंज के जंगल में चौराहा नामक स्थान तक लगभग 22 किमी दूरी तक रेल लाइन बिछाई गई थी। वर्ष 1980 तक इस परियोजना के चलने से 34 लाख से अधिक आय प्राप्त हुई थी। इसके बंद होने के बाद से फिर इसे प्रारंभ नहीं किया जा सका। वन क्षेत्र के अंदर अभी ट्रॉम वे से जुड़े कई संसाधन उपलब्ध हैं। ऐसे मेें जिला प्रशासन की ओर से उसे फिर से शुरू कराए जाने की दिशा में पहल प्रारंभ की गई है। जिम्मेदारों का मानना है कि यदि परियोजना शुरू हो जाए तो न सिर्फ विभाग की आय को बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि जिले में ऐसा स्थल विकसित होगा, जिसका लाभ बड़ी संख्या मेें स्थानीय व विदेशी पर्यटक उठा सकेंगे। यह जिले के विकास की दृष्टि से भी अत्यंत सार्थक सिद्ध होगा।
इन संसाधनों की भेजी गई रिपोर्ट
ग्रामीण पर्यटन विकास लिए लक्ष्मीपुर के एकमा में स्थित ट्रॉम वे रेल परियोजना के प्रारंभिक बिंदु एकमा डिपो परिसर में रखे इंजन, टंडल, सैलून बोगी, स्पेशल बोगी, गार्डयान एवं अन्य उपकरणों की मौजूदगी व स्थिति के बारे में जिला प्रशासन ने वन विभाग के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी है।
कोट
ट्रॉम वे रेल परियोजना को फिर से प्रारंभ किए जाने की दिशा में पहल प्रारंभ की गई है। इससे जुड़े विवरण को प्रमुख सचिव वन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसके भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी