महराजगंज। महाकुंभ में भगदड़ मची तो 500 मीटर की दूरी पर था। कुछ समझ में नहीं आया तो पुलिस की गाड़ी के नीचे छिप गया। तब जान बची। घंटे भर बाद जब माहौल शांत हुआ तब बाहर निकला।
वहां का मंजर देख सिहर उठा। गांव के लोग बिछड़ गए थे। उनकी काफी तलाश की, लेकिन नहीं मिले। यह दर्द प्रयागराज महाकुंभ से लौटे परसामलिक क्षेत्र के असुरैना गांव के केदारनाथ यादव ने बयां की। रविवार को केदारनाथ यादव अपने घर पर थे।
उन्होंने बताया कि बीते सोमवार को गांव से बस जा रही थी। उसमें 70 लोग प्रयागराज गए थे। भगदड़ वाले दिन का जिक्र करते हुए केदारनाथ ने कहा कि हे भगवान ऐसी भीड़ कभी नहीं देखा था। शुरुआत में तो कुछ पता नहीं चला गांव के लोगों के साथ आगे बढ़ रहा था।
एक किमी आगे बढ़ने पर लोगों से बिछड़ गया। उनसे सपंर्क नहीं हो रहा था। भगदड़ में लोग एक-दूसरे पर गिरते जा रहे थे। यह देखकर रोंगटे खड़े गए थे। पास में ही थोड़ी दूरी पर पुलिस की एक जीप दिखी। कुछ समझ में नहीं आया तो जान बचाने के लिए उसी के नीचे छिप गया, तब जाकर जान बची।
गनीमत रहा की पास में रखा पर्स नहीं गिरा। एक-दो दिन परेशान रहा। वाहन की तलाश में भटक रहा था। प्रयागराज स्टेशन पर बृहस्पतिवार को पहुंचा। यहां भीड़ के कारण ट्रेन में बैठने तक की जगह नहीं मिली। शुक्रवार को वहां से ट्रेन से चला था तो शनिवार शाम को घर पहुंचा। पास में रकम होने के कारण परेशानी नहीं हुई। ी