निचलौल। क्षेत्र के सेमरहना गांव में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानदार ने खाद्यान्न को कालाबाजारी कर लिया है। दुकानदार का काला करतूत तब उजागर हुआ, जब अधिकारियों ने राशनकार्ड धारकों की शिकायत पर दुकान के स्टॉक की जांच की।
वहीं पूर्ति निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के बाद सोमवार को जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया है। दुकान के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले कोटे के अन्य दुकानदारों में हड़बड़ी मच गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि बीते दिनों सेमरहना गांव के कुछ राशनकार्ड धारकों की तरफ से अप्रैल में खाद्यान्न वितरण न होने की शिकायत मिली थी। उक्त शिकायत की जांच 24 अप्रैल को पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान सिंह पटेल से कराई गई। जांच में पाया गया कि कोटे के दुकानदार ने परिवहन ठेकेदार से अप्रैल और मई का गेहूं व चावल प्राप्त कर लिया है।
ऐसे में दुकान के स्टॉक में कुल 53.34 क्विंटल गेंहू व 79.83 क्विंटल चावल होना चाहिए। लेकिन जांच में दुकान के स्टॉक में महज 36 क्विंटल चावल व 24 क्विंटल गेहूं पाया गया। इस तरह जांच में पता चला कि उचित दर विक्रेता (दुकानदार) बादू की ओर से 29.24 क्विंटल गेंहू और 43.83 क्विंटल चावल कालाबाजारी कर लिया गया है।
मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं दुकानदार के गोदाम के स्टॉक में मौजूद खाद्यान्न को नजदीकी उचित दर विक्रेता रमाकांत प्रसाद को सुपुर्द कर दिया गया। उच्चाधिकारियों और न्यायालय के आदेश पर खाद्यान्न को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।