गेहूं के लिए बेहतर तो आलू-सरसों को नुकसान पहुंचा सकती है बारिश
हवा के प्रदूषक शांत, आबोहवा में आया सुधार
महराजगंज। बीते दिनों से बदले मौसम के मिजाज बुधवार बारिश से सर्द हो उठे हैं। सुबह की बारिश के चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे ठंड बढ़ गई है। बारिश के कारण बुधवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री कम 19 वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बारिश को कृषि विशेषज्ञ गेहूं के लिए फायदेमंद तो आलू व सरसों के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अभी बारिश की संभावना बनी हुई है।
दोपहर बाद धूप खिली जरूर लेकिन इसमें गर्माहट का अभाव महसूस किया गया। बीते माह सर्दी व शीतलहर के चलते कांप रही तराई के लोगों को जनवरी में लगातार निकली धूप ने राहत पहुंचाने का काम किया। धूप की गर्माहट पिछले दिनों तक भरपूर मिली क्योंकि पछुआ का वेग शांत होने के कारण धूप कुनकुनी बनी रही। बुधवार सुबह बारिश ने शुष्क मौसम की नमी बढ़ाने का कार्य किया। सुबह लगभग सात बजे से 10 बजे तक जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई जिससे तापमान एक बार फिर फिसल कर नीचे उतर आया।
जिला मुख्यालय पर जहां बारिश छिटपुट व हल्की रही वहीं फरेंदा व नौतनवां बेल्ट में लगभग दो घंटे तक हल्की बारिश हुई। इस बारिश ने लगभग समाप्त हो रही ठंड को एक बार फिर बढ़ा दिया। दोपहर तक घने बादलों के कारण दृश्यता का ग्राफ न्यून बना रहा लेकिन दोपहर दो बजे के बाद धूप खिली। धूप खिली जरूर, लेकिन नर्माहट बनी रही जिसके कारण इसका लाभ लोग नहीं ले सके।
गेहूं को फायदा तो आलू की फसल को हो सकता है नुकसान
कृषि विभाग के मुताबिक यह बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है वहीं 2200 हेक्टेयर में लगी आलू फसल के लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है। उप कृषि निदेशक संजीव कुमार पटेल ने बताया कि बारिश के कारण वायु प्रदूषकों पर कुछ हद तक नियंत्रण होने से आबोहवा में सुधार आया है। बारिश ने 1.45 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं को लाभ पहुंचाया है लेकिन आलू के लिए नुकसानदायक है। आलू के सड़ने का खतरा बढ़ा है। सरसों में इस समय फूल हैं और फली बनने की प्रक्रिया जारी है। बारिश व हवा से फूल झड़ेंगे। ऐसे में उपज प्रभावित हो सकती है।
वर्जन
आगामी तीन दिन मौसम इसी तरह बने रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों का रुख तराई की तरफ हुआ है। बारिश के साथ-साथ कल से कोहरा भी दुश्वारी बढ़ाने का काम करेगा।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र