दो निजी अस्पतालों की ओटी सील
महराजगंज। जिले में अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिसवा कस्बे में अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर दो निजी अस्पतालों की ओटी सील कर दी गई।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिसवा बाजार स्थित आशीर्वाद अस्पताल में चार सिजेरियन प्रसव मरीज भर्ती मिले। अस्पताल का पंजीकरण एमबीबीएस डॉक्टर के नाम पर था, जबकि अस्पताल में कोई सर्जन और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं मिला। जांच में मिला कि भर्ती मरीजों का ऑपरेशन बिना सर्जन व एनेस्थेटिक के किया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की ओटी को सील कर दिया गया। सिसवां बाजार में आयुष अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। अस्पताल बंद मिला। प्रबंधक ने बताया कि पिछले 5-6 माह से अस्पताल बंद है। इस पर अस्पताल में ताला लगे कक्ष के संदर्भ में प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि अपनी उपस्थित में कक्ष का ताला खुलवाकर उसकी जांच करें और यदि कक्ष में ओटी है, तो तत्काल उसे सील करें।
उन्होंने बताया कि सिसवा में सबया ढाला स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल की जांच के लिए प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही सभी कर्मचारी चले गए। टीम द्वारा तत्काल ओटी कक्ष को सील कर दिया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि संदिग्ध अस्पतालों व अल्ट्रासाउंड/डायग्नोस्टिक सेंटरों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।