स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनशीलता और समय पर पहचान से बदली जा सकती है बच्चों की जिंदगी
महराजगंज। प्रोजेक्ट पहचान केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अभियान है। जन्मजात अथवा प्रारंभिक अवस्था में होने वाली विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों को इसके तहत उचित चिकित्सा एवं आवश्यक सहयोग देकर उनके जीवन की दिशा बदली जा सकती है।
ये बातें जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कही। उन्होंने महत्वाकांक्षी नवाचारी अभियान प्रोजेक्ट पहचान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में तहसील फरेंदा एवं नौतनवा के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के साथ बैठक की। उन्होंने सीएचओ से संवाद करते हुए कहा कि गांव स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी सीएचओ से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान विशेष सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि किसी भी प्रकार की विकासात्मक समस्या, दिव्यांगता अथवा अन्य व्याधि से पीड़ित बच्चे चिन्हित होने से वंचित न रह जाएं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा, प्रोजेक्ट पहचान का उद्देश्य केवल बच्चों में बीमारी या दिव्यांगता की पहचान करना नहीं है, बल्कि उन्हें उपचार, पुनर्वास, शिक्षा, पोषण और विकास से जुड़ी प्रत्येक आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराकर उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना है। प्रत्येक बच्चे को समान अवसर देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज सहित सभी विभाग यदि पूरी संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करें तो हम हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विकास खंडों में सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।
प्रोजेक्ट पहचान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की एक अभिनव एवं महत्वाकांक्षी पहल है। इस परियोजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाएगा, जो किसी प्रकार की दिव्यांगता अथवा ऐसी व्याधि से प्रभावित हैं, जिसका समय पर उपचार न होने से उनका विकास बाधित हो सकता है। परियोजना का उद्देश्य समयबद्ध पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक सरकारी सुविधाओं से जोड़ना तथा बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
बैठक में सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, डीपीओ वाणी वर्मा, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह मौजूद रहे।