महराजगंज। विचाराधीन मुकदमों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण और न्यायालयीन पैरवी को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस लाइंस सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ एवं ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ने जनपद के पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और न्यायालय से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक थाने पर विचाराधीन मुकदमों की नियमित समीक्षा की जाए और गंभीर व महत्वपूर्ण मामलों में विशेष रुचि लेकर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने समयबद्ध विवेचना, समय पर न्यायालय में गवाहों की उपस्थिति, आवश्यक अभिलेखों के समय पर प्रेषण और अभियोजन अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी से अपराधियों को समयबद्ध दंड दिलाने में सफलता मिलेगी और न्यायिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी संजय शुक्ला ने न्यायालयीन पैरवी को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि अभियोजन और विवेचना पक्ष के बीच सतत समन्वय आवश्यक है। प्रत्येक मुकदमे में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और न्यायालय द्वारा अपेक्षित सभी अभिलेख और साक्ष्य निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर कमियों को समय रहते दूर करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
कार्यशाला में पीओ प्रवेंद्र दिवाकर, एपीओ सौरभ सिंह के अलावा जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, थानों पर नामित पैरवी अधिकारी, न्यायालय पैरोकार एवं कोर्ट मुहर्रिर उपस्थित रहे।