धर्मात्मा का शव घर आने के बाद दरवाजे पर लगी भीड़ ।
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के नरकटहा गांव के धर्मात्मा निषाद की मौत के बाद पुलिस सतर्क रही। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान घाट तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। सपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। गांव में शव पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 11 थानों की पुलिस तैनात रही।
सोमवार को मृत धर्मात्मा के बड़े भाई परमात्मा निषाद ने सपा व कांग्रेस नेताओं के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात की और अपनी पीड़ा सुनाई।
मांगों से संबंधित पत्रक दिया। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी व पचास लाख रुपये दिलाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने नियमानुसार हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस पर गए। वहां पर मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री को सरकार बचा रही है।
जिला अस्पताल के गेट से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक भीड़ लगी रही। पोस्टमार्टम के बाद करीब दो बजे शव को एंबुलेंस से नरकटहा भेजा गया तो वहां अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। इस बीच पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
लोगों को समझाकर किसी तरह से शव अकटहवा घाट तक ले जाया गया और अंतिम संस्कार कराया गया। बड़े भाई परमात्मा निषाद ने मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम हाउस परिसर में एससपी आतिश कुमार, सीओ सदर आभा सिंह समेत अन्य अधिकारी व राजनीति दलों के नेता मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा में पहुंचे नेता : निषाद पार्टी के युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद के अंतिम संस्कार में सपा के नेता में लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद सांसद संतकबीरनगर, हरेन्द्र कृष्ण त्रिपाठी, कृष्णभान सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह, गोपाल शाही, सपा जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, पूर्व मंत्री सुशील टिबेडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा आमिर हुसैन के अलावा अन्य नेता पहुंचे।