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ठंड बढ़ने से निमोनिया की चपेट में आ रहे मासूम

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ठंड बढ़ने से निमोनिया की चपेट में आ रहे मासूम
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महराजगंज। इन दिनों ठंड बढ़ गई है। ऐसे में निमोनिया की चपेट में मासूम आने लगे हैं, वहीं बुजुर्गों की भी समस्या बढ़ गई है। बुजुर्गों, ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए ठंड खतरनाक है। जिला अस्पताल के ओपीडी में हर रोज 8-10 मरीज डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। खास कर बच्चे व बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ठंड को देखते हुए बच्चों में सर्दी, खासी, निमोनिया के साथ ही कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ा है। गंभीर होने पर बच्चों को भर्ती किया जाता है।
ठंड के कारण जिला अस्पताल में सर्दी जुकाम और बुखार के मरीजों के साथ ही निमोनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बदलते मौसम में दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है। जिले में कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 20 से 25 मरीज बुखार के आ जाते हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी राय ने कहा कि ठंड के कारण बच्चों में ज्यादातर मौसमी हो रही है। सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
सीएमएस डॉ. ए के राय ने कहा कि जिला अस्पताल में मौसम बदलाव के कारण मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की समुचित व्यवस्था है। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ये रखें सावधानी
-सर्दी-जुखाम होते ही अलर्ट हो जाएं
-बच्चों को संतुलित आहार दें
-प्राथमिक उपचार में देरी नहीं हो
-बच्चे के बचे हुए टीके लगवाएं
-कुपोषित बच्चे पर विशेष ध्यान दें
इसे कहते हैं कि निमोनिया
डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी संक्रमण के कारण फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिसे निमोनिया कहते हैं। हालांकि ज्यादातर निमोनिया बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होता है, इंफ्लुएंजा या कोविड-19 जैसे वायरस भी फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। निमोनिया खासतौर से वयस्कों और बच्चों के लिए जानलेवा है।
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बच्चों को ठंड से बचाव के लिए यह है जरूरी
बढ़ते ठंड में बच्चों को बचाव करना बेहद जरूरी है। छह माह तक के बच्चों को केवल मां का दूध पिलाएं। बड़े बच्चे एवं सभी को हल्का गुनगुना पानी पीने की जरूरत है। ऊनी कपडे़ पहनें, परेशानी की हालत में डॉक्टर से दिखाएं।
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